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पलामू में भागे-भागे 60 वर्षीय रामचंद्र राम के घर पहुंचा जिला प्रशासन, जानें क्या है पूरा मामला

Updated at : 10 Apr 2024 3:33 PM (IST)
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60 साल की उम्र में पहली बार वोट करेंगे पलामू के रामचंद्र राम. सैकत चटर्जी.

चुनाव आोयग के एक आदेश से 60 साल के नेत्रहीन की जिंदगी बदल गई. पलामू के रामचंद्र राम के घर जिला प्रशासन पहुंचा. अब उसका इलाज भी होगा और बैंक खाता भी खुलेगा.

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पलामू, सैकत चटर्जी : चुनाव आयोग के एक निर्देश ने 60 साल के रामचंद्र की जिंदगी ही बदल दी. रामचंद्र के गांव के लोग उस वक्त दंग रह गए, जब देखा कि उपायुक्त समेत कई वरीय पदाधिकारी गांव में आए हैं. रामचंद्र और उनका परिवार भी हक्का-बक्का था.

पलामू के आजाद नगर में उपायुक्त को देख दंग रह गए लोग

मामला पलामू जिले के मेदिनीनगर का है. कोयल नदी के किनारे आजाद नगर में 60 साल के रामचंद्र राम अपने परिवार के साथ रहते हैं. मंगलवार को डीसी समेत कई वरीय पदाधिकारी उनके घर पहुंचे, तो पूरा परिवार दंग रह गया. रामचंद्र और उनके परिवार के सदस्यों को कुछ समझ नहीं आ रहा था. इस बात का यकीन भी नहीं हो रहा था कि जिले के सबसे बड़े अधिकारी उपायुक्त खुद उनके घर आए हैं.

आजाद नगर में रामचंद्र राम के घर के बाहर डीसी, एसडीओ व अन्य पदाधिकारी. सैकत चटर्जी.

रामचंद्र के घर के पास जुट गयी लोगों की भीड़, सब हैरान

पूरा मुहल्ला हैरान था. सब रामचंद्र राम के घर के पास जुटे थे. आपस में चर्चा कर रहे थे. यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर माजरा क्या है. बाद में पता चला कि झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रवि कुमार से निर्देश मिलने के बाद पलामू के उपायुक्त रामचंद्र राम के घर पहुंचे. उनके साथ पूरा सरकारी महकमा था.

परिजनों ने डीसी को बताया- दृष्टिहीन हैं रामचंद्र राम

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सूचना मिली थी की पलामू के रहने वाले रामचंद्र राम जन्म से दृष्टिहीन हैं. उनको अब तक किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला. यहां तक कि उनका वोटर और आधार कार्ड भी नहीं बना है. वोटर कार्ड नहीं बना है, इसलिए आज तक उन्होंने वोट नहीं किया. झारखंड के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर को जब यह सूचना मिली, तो उन्होंने तत्काल इसका संज्ञान लिया. पलामू के डीसी, जो अभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी भी हैं, को इस मामले की जांच कर उसका निदान करने का निर्देश दिया.

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पलामू के उपायुक्त ने पूछा- कैसे हैं रामचंद्र

सीईओ झारखंड का आदेश मिलते ही पलामू के डीसी शशि रंजन अपने अमले के साथ आजाद नगर पहुंचे. जब डीसी वहां पहुंचे, तब रामचंद्र सो रहे थे. परिजनों ने उन्हें जगाया. रामचंद्र उठे, तो उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने उनसे पूछा- कैसे हैं रामचंद्र. डीसी को परिजनों ने बताया कि वे दृष्टिहीन हैं. उनको सुनने में भी परेशानी है. ऊंची आवाज ही सुन पाते हैं. इसके बाद उपायुक्त ने परिवार के लोगों से पूरी जानकारी ली. कहा कि अब रामचंद्र राम को दिव्यांग मतदाताओं को मिलने वाली सभी सुविधाएं मिलेंगी. वह अपने मताधिकार का भी प्रयोग कर पाएंगे.

बन रहा है आधार और वोटर कार्ड

डीसी ने एसडीओ से तत्काल रिपोर्ट मांगी है और कहा कि वह बताएं कि कैसे रामचंद्र का नाम वोटर लिस्ट और दिव्यांगता सूची में नहीं आया. उनका आधार कार्ड और वोटर कार्ड किन परिस्थितियों में नहीं बना, इसकी भी जांच रिपोर्ट दें. साथ ही संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया. डीसी के आदेश के बाद तत्काल सदर सीओ की देख-रेख में कर्मचारियों ने ऑन स्पॉट आधार कार्ड बनवाने और वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का काम शुरू कर दिया.

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रामचंद्र राम का बैंक अकाउंट खुलेगा, दवाई भी मिलेगी

चुनाव आयोग ने जब रामचंद्र राम के मामले का संज्ञान लिया, तो जिला प्रशासन रेस हुआ. प्रशासन की पहल पर 60 साल की उम्र में रामचंद्र राम का बैंक खाता भी खुलेगा. साथ ही आचार संहिता खत्म होते ही पेंशन सहित अन्य सुविधाएं मिलने लगेंगी. डीसी ने सिविल सर्जन को आदेश दिया है कि एंबुलेंस भेजकर रामचंद्र राम की आंख और कान की जांच करवाएं तथा श्रवण यंत्र एवं जरूरी दवाइयां मुहैया कराएं.

अब हमलोग जरूर वोट करेंगे

चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया और जिला प्रशासन गांव पहुंचा, तो मुहल्ले के लोगों में अलग तरह की खुशी देखी जा रही है. रामचंद्र का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने, उनका वोटर और आधार कार्ड बनवाए जाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद मुहल्ले के लोगों ने कहा कि आज हमें वोट का महत्व समझ में आया. पहले हमारा मन करता था, तो वोट दे आते थे. मन नहीं किया, तो वोट नहीं कते थे. अब हमें वोट का महत्व समझ में आ गया है, हम मतदान जरूर करेंगे.

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सुखली देवी ने कहा- जोहार आयोग

सुखली देवी रिश्ते में रामचंद्र राम के छोटे भाई की पत्नी हैं. वही रामचंद्र का देखरेख करती है. घर में काम करके जीविका चलाने वाली सुखली देवी को पहले तो बात समझ में नहीं आई कि आखिर उनके घर इतने लोग और गाड़ियां क्यों आईं हैं. जब उन्हें सारी बात बताई गई, तो वह रो पड़ीं. सुखली ने बताया कि भैसुर का आधार कार्ड बनवाने और बैंक में खाता खुलवाने के लिए वह करीब आठ साल से इधर से उधर भटक रही थी. उनका काम नहीं हो पाया. रोते-रोते सुखली देवी ने उपायुक्त से कहा- जोहार आयोग. आपकी वजह से हमारा सपना पूरा हुआ.

झारखंड के पलामू में 13 मई को होगा मतदान

ज्ञात हो कि लोकसभा का चुनाव 19 अप्रैल से शुरू हो रहा है. 7 चरणों में होने वाला आम चुनाव 2024 एक जून को समाप्त होगा. झारखंड में 4 चरणों में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए वोटिंग होगी. पहले चरण का मतदान 13 मई को 4 लोकसभा सीटों पर होगा, जिसमें पलामू (एससी) सीट भी शामिल है. चुनाव आयोग का नारा है- एक भी वोटर छूटे ना. जब अधिकारी इस तरह से काम करेंगे, तभी आयोग का यह ध्येय वाक्य पूरा हो पाएगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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