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कुआं में भरा है बालू, 15 मिनट चल पा रहा सुदना जलापूर्ति केंद्र का मोटर पंप

Updated at : 14 May 2025 9:03 PM (IST)
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कुआं में भरा है बालू, 15 मिनट चल पा रहा सुदना जलापूर्ति केंद्र का मोटर पंप

नगर निगम क्षेत्र के ड्राइ जोन के रूप में चिह्नित सुदना में जल संकट से लोग परेशान हैं.

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मेदिनीनगर. नगर निगम क्षेत्र के ड्राइ जोन के रूप में चिह्नित सुदना में जल संकट से लोग परेशान हैं. जलस्तर नीचे चले जाने के कारण घरों में लगी अधिकांशत: बोरिंग सूख गयी है. जिनके घर में मोटर लगा है, वे किसी तरह काम चला रहे हैं. सुदना क्षेत्र में जलापूर्ति की व्यवस्था है. लेकिन सुदना जलापूर्ति केंद्र को सुचारू रूप से संचालित नहीं किया जा रहा है. लोगों की माने तो इस केंद्र से जो पानी की आपूर्ति होती है, उसे साफ तक नहीं किया जाता है. बगैर फिल्टर किये ही सालोंभर पानी की आपूर्ति अनियमित रूप से की जाती है. जल संकट में लोगों के लिए यह सहारा बना है. फिलहाल सुदना जलापूर्ति केंद्र की स्थिति यह है कि इंटेक वेल (कुआं) में बालू भरा हुआ है. इस कारण 15 मिनट मोटर पंप चलने के बाद कुआं सूख जाता है. एक से सवा घंटे के बाद जब मोटर चालू किया जाता है, तो 15 मिनट के बाद ही कुआं सूख जाता है. इस तरह सुदना जलापूर्ति केंद्र की जलमीनार को भरने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है. बताया जाता है कि जब बिजली नहीं रहती है, तो जलमीनार पूरी तरह से भर नहीं पाती है और लोगों को कम पानी मिलता है. पोषक क्षेत्र के लोगों की माने तो सुदना जलापूर्ति केंद्र से करीब 15 मिनट ही पानी की आपूर्ति होती है. कई बार शिकायत की गयी. लेकिन इसमें कोई सुधार नहीं हुआ. सुदना के राजेश, मुकेश, शांति, ज्योति, अमरेंद्र, धीरेंद्र आदि ने बताया कि जब कुआं में पानी है ही नहीं, बालू भरा हुआ है, तो जलमीनार से जलापूर्ति कैसे होगी. लोगों ने निगम प्रशासन से इस मामले कार्रवाई करने की मांग की है. बताया जाता है कि मार्च महीने के तीसरे सप्ताह में नगर निगम प्रशासन के द्वारा कुआं की सफाई के लिए कर्मियों को लगाया गया था. तीन-चार दिनों तक कुआं की सफाई की गयी. इस दौरान जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार हुई थी. लेकिन पिछले दो माह से जलापूर्ति प्रभावित हो रही है.

बरसात नजदीक, कब होगी कुएं की सफाई

लोगों का कहना है कि अब बारिश का मौसम आनेवाला है. ऐसी स्थिति में निगम प्रशासन कुआं की सफाई कब करायेगा. बारिश होने के बाद कोयल नदी में पानी आ जायेगा और छह माह तक कुआं की सफाई का मामला अधर में लटक जायेगा. लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन सिर्फ पानी टैक्स जमा करने पर जोर देता है. गुणवत्तायुक्त पर्याप्त जलापूर्ति कराने के प्रति निगम गंभीर नहीं है. सुदना जलापूर्ति केंद्र की व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया और ना ही कभी व्यवस्थित तरीके से उसका संचालन किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATYAPRAKASH PATHAK

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