मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफसर की कमी पर एनएमसी सख्त, दिया 45 दिनों की मोहलत

पलामू का मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज. फोटो: प्रभात खबर
Palamu News: पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसरों समेत कई पदों की कमी पर एनएमसी ने 45 दिनों में सुधार का निर्देश दिया है. तय समय में कमी पूरी नहीं होने पर 2026-27 सत्र के नामांकन पर रोक, सीट कटौती या जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है.
पलामू से शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट
Palamu News: नेशनल मेडिकल कमीशन ने पोखराहा स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में कमी को पूरा करने के लिए 45 दिनों का समय दिया है. चिकित्सा शिक्षा रेगुलेशन 2023 के तहत कमी पायी गयी है. वार्षिक उद्घोषणा रिपोर्ट के आधार पर पायी गयी है. इस संबंध में नेशनल मेडिकल कमीशन के तहत यूजीएमइबी के डिप्टी सेक्रेटरी धर्मेंद्र ने एमएमसीएच के प्राचार्य को पत्र भेजा है.
26-27 सत्र के नामांकन पर लटक सकता है तलवार
मेडिकल कॉलेज एनएमसी द्वारा बताये गये कमियों को पूरा नहीं किया जाता है. तो एनएमसी सत्र 26-27 के नामांकन पर रोक भी लगा सकती है. इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. नही तो फिर सीटों में कमी की जा सकती है. इसके पूर्व इस कॉलेज में 2020-21 में निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं किये जाने के कारण एनएमसी ने नामांकन पर रोक लगा दिया था.
एनएमसी ने पायी कमी
नेशनल मेडिकल काउंसिल के अनुसार विभिन्न विषयों में शिक्षकों की कमी है. रेजिडेंट डॉक्टर व टयूटर जितनी संख्या होनी चाहिए थी, उतनी संख्या नहीं है. मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट व प्राध्यापक की संख्या जितनी होनी चाहिए थी. उससे 40 प्रतिशत कमी है. सरकार के अनुसार प्रोफेसर के स्वीकृत पदों की संख्या 17, एसोसिएट प्रोफेसर 27, असिस्टेंट प्रोफेसर 41, सीनियर रेजिडेंट 40 जबकि टयूटर व डेमोंस्ट्रेटर की संख्या 25 होनी चाहिए. स्वीकृत पदों की संख्या कुल 150 है. जबकि 91 कार्यरत हैं. मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत पदों की अपेक्षा 11 प्रोफ़ेसर, 05 एसोसिएट प्रोफेसर, 30 असिस्टेंट प्रोफेसर, 05 सीनियर रेजिडेंट, 08 टयूटर व डेमोंस्ट्रेटर का पद खाली है. मरीज के बेड की संख्या 500 होनी चाहिए थी. लेकिन मेडिकल कॉलेज में बेड की संख्या मात्र 353 है. बेड पर मरीजों को भर्ती होने का प्रतिशत भी कम है. जबकि एनएमसी के अनुसार बेड पर भर्ती मरीजों की संख्या 80 प्रतिशत से ऊपर होना चाहिए. मेडिकल कॉलेज में बच्चों की पढ़ाई के लिए 10 डेड बॉडी की जरूरत है. लेकिन इस कॉलेज में मात्र पांच डेडबाडी है. मेडिकल कॉलेज में स्किल लैब नहीं है.
इसे भी पढ़ें: बलियापुर के बीबीएम के प्रो एपी भंडारी को मिला सम्मान, बॉलीवुड के निर्देशक सलीम दुर्रानी ने दिया पुरस्कार
कमी को पूरा करने की कोशिश की जा रही है: प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्रचार्य डा जेएस राव ने बताया कि कमी को पूरा करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने बताया कि नये डॉक्टरों की बहाली की प्रक्रिया की जा रही है. उम्मीद है कि जल्द ही डॉक्टरों की कमी को पूरा कर लिया जायेगा. 500 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है. बताया कि स्किल लैब को इस साल पूरा कर लिया जायेगा. पूर्व में इसके लिए टेंडर निकाला गया था. लेकिन किसी कारण टेंडर रद्द हो गया था.
इसे भी पढ़ें: माध्यमिक आचार्य मामला: 2819 अभ्यर्थियों के री-एग्जाम पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने केस सिंगल बेंच को लौटाया
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Kumarvishwat Sen
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










