पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज की लाइब्रेरी में किताबों की भारी कमी, 50 से अधिक अलमीरा पड़े हैं खाली

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मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज पलामू

मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज पलामू

Medinirai Medical College : मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज की लाइब्रेरी में किताबों की भारी कमी है. इससे छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार ने 2024-25 के वित्तीय वर्ष में किताबें खरीदने के लिए तीन लाख 22 हजार 500 रुपये फंड दिये थे.

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पलामू, शिवेंद्र कुमार : पोखराहा स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के लाइब्रेरी में किताबों की कमी है. फंड के अभाव में कॉलेज के छात्रों के लिए नई किताबों की खरीददारी नहीं हो पा रही है. किताबों की कमी से छात्रों को काफी परेशानियां हो रही हैं. बताते चलें मेडिकल कॉलेज को सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में सात लाख पचास हजार रुपया फंड दिया गया था. वहीं 2023-24 में चार लाख 95 हजार और वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में मात्र तीन लाख 22 हजार 500 रुपये का फंड प्राप्त हुआ है. जबकि अन्य मेडिकल कॉलेजों में किताबें खरीदने के लिए इससे ज्यादा फंड दिए जाते हैं.

लाइब्रेरी में 50 से अधिक अलमीरा पड़े हैं खाली

मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के कर्मियों ने बताया कि मेडिकल की किताबें काफी महंगी होती है. अधिकतर किताबों का मूल्य 500 से लेकर डेढ़ हजार तक होते हैं. जबकि कई किताबों का मूल्य 10 हजार या इससे ज्यादा भी होता है. तीन लाख की राशि में ज्यादा किताबें नहीं खरीदी जा सकती है. जबकि लाइब्रेरी में किताबें रखने के लिए 100 से अधिक अलमीरा रखा हुआ है. जिनमें किताब नहीं रहने के कारण 50 से ज्यादा अलमीरा खाली पड़ा हुआ है. लाइब्रेरी में अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध है. पीने का पानी, पंखा, लाइट्स, फर्नीचर और शौचालय की अच्छी व्यवस्था है.

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विधायक और सांसद से किताबों के लिए फंड की मांग

इस संबंध में प्राचार्य डॉ. पीएन महतो ने बताया कि यह मेडिकल कॉलेज 2019 में शुरू हुआ है. वर्तमान में यहां 392 बच्चे अध्यनरत हैं. किताबों की यहां काफी कमी है. लाइब्रेरी में मात्र तीन हजार किताब और 90 जर्नल हैं. यदि विधायक और सांसद के द्वारा अलग से किताब खरीदने के लिए फंड दिया जाता तो काफी अच्छा होता. यहां के बच्चों को ज्यादा से ज्यादा किताबें उपलब्ध हो पाती. उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ने में यूट्यूब से भी काफी मदद मिलती है. लेकिन किताब का अलग ही महत्व है.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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