जॉब कार्डधारियों को इ-केवाइसी के लिए अंतिम तिथि 10 मार्च
जॉब कार्डधारियों को इ-केवाइसी के लिए अंतिम तिथि 10 मार्च
नावा बाजार. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. फर्जीवाड़े को रोकने के उद्देश्य से बीडीओ रेणु बाला ने प्रखंड के सक्रिय मनरेगा श्रमिकों का आधार-आधारित, फेस ई-केवाईसी आधार बसेड फेक ई- केवाईसी सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है. बीडीओ ने सभी मनरेगा जॉब कार्डधारियों से अपील की है. वे इसे अनिवार्य प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करा लें. सत्यापन ग्राम रोजगार सेवक और मनरेगा मेट द्वारा कार्यस्थलों और ग्राम पंचायतों में किया जा रहा है. प्रक्रिया- यह इ-केवाइसी प्रक्रिया पूरी तरह से आधार-आधारित है. जिसमें बायोमेट्रिक सत्यापन और चेहरे की लाइव फोटो ली जाती है. इस प्रक्रिया का मुख्य लक्ष्य योजना के तहत केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को लाभ सुनिश्चित करना है.फर्जी जॉब कार्ड को हटाना और मजदूरी भुगतान में होने वाली किसी भी अनियमितता को रोकना है. मनरेगा योजना के तहत कार्य जारी रखने और समय पर मजदूरी भुगतान प्राप्त करने के लिए, इ-केवाइसी सत्यापन अनिवार्य है. बिना इ-केवाइसी के किसी भी श्रमिक को भविष्य में काम नहीं मिल पायेगा और न ही भुगतान होगा. सभी मनरेगा श्रमिक अपने आधार कार्ड और जॉब कार्ड के साथ अपने संबंधित ग्राम रोजगार सेवक या मनरेगा मेट से संपर्क कर सकते हैं और अपना सत्यापन तत्काल करवा सकते हैं. बीडीओ ने जनता से इस महत्वपूर्ण अभियान में सहयोग करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है, उन्होंने बताया कि ई- केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 10 मार्च 2026 तक दिया गया है.
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