राधाकृष्ण किशोर के बयान पर ज्योतिश्वर सिंह का पलटवार, बोले- कर रहे अनर्गल प्रलाप

भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिरीश्वर सिंह. फोटो: प्रभात खबर
Palamu News: राधाकृष्ण किशोर के बयान पर भाजपा नेता ज्योतिरीश्वर सिंह ने कड़ा पलटवार किया. उन्होंने इसे अनर्गल प्रलाप बताते हुए राजनीतिक हताशा करार दिया. साथ ही बयानबाजी में मर्यादा रखने की नसीहत दी. इस मुद्दे पर झारखंड की राजनीति में घमासान तेज हो गया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
Palamu News: मेदिनीनगर से सियासी बयानबाजी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ता नजर आ रहा है. भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिरीश्वर सिंह ने झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा प्रधानमंत्री और भाजपा पर दिए गए विवादित बयान पर तीखा पलटवार किया है. उन्होंने इस बयान को न केवल अनुचित बताया, बल्कि इसे राजनीतिक हताशा का उदाहरण भी करार दिया.
अनर्गल प्रलाप से गरिमा को ठेस
ज्योतिरीश्वर सिंह ने कहा कि राधाकृष्ण किशोर एक अनुभवी नेता हैं और उन्होंने कई दलों में अपनी राजनीतिक भूमिका निभाई है. ऐसे में उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करें. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे गरिमामयी पद और देश की सबसे बड़ी पार्टी के खिलाफ ‘अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. यह न केवल उनकी भाषा की मर्यादा को दर्शाता है, बल्कि राजनीतिक स्तरहीनता को भी उजागर करता है.
अनुभव बनाम शालीनता पर तंज
भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि अनुभव का अर्थ शालीनता और जिम्मेदारी होता है, न कि अनर्गल प्रलाप करना. उन्होंने याद दिलाया कि झारखंड राज्य गठन के बाद राधाकृष्ण किशोर तीन बार विधायक बने, जिनमें से दो बार उन्हें भाजपा और उसके सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त था. ऐसे में आज उन्हीं दलों पर इस तरह के आरोप लगाना उनके राजनीतिक चरित्र पर सवाल खड़ा करता है.
पुराने संदर्भों का भी किया जिक्र
ज्योतिरीश्वर सिंह ने राधाकृष्ण किशोर के राजनीतिक अतीत पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उनके ‘चाल और चरित्र’ के बारे में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने अपनी आत्मकथा एक सिख नेता की दास्तां में विस्तार से उल्लेख किया है. उन्होंने यह भी कहा कि जनता सब कुछ समझती है और जानती है कि किस नेता ने कब और कैसे अपने राजनीतिक रुख बदले हैं.
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लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने की नसीहत
अंत में ज्योतिरीश्वर सिंह ने कहा कि वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए. लेकिन किसी भी राजनीतिक दल या नेता को आतंकवाद से जोड़ना न केवल अनुचित है, बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक भावना और करोड़ों कार्यकर्ताओं का अपमान भी है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के नेताओं पर टिप्पणी करते समय भाषा की मर्यादा और गंभीरता बनाए रखना आवश्यक है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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