जीवन शैली में सुधार से ही होगा हार्ट अटैक से बचाव : एनडीसी

Updated:
विज्ञापन
जीवन शैली में सुधार से ही होगा हार्ट अटैक से बचाव : एनडीसी

जिला प्रशासन व लायंस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में हृदयाघात जागरूकता सह सीपीआर प्रशिक्षण शिविर

विज्ञापन

जिला प्रशासन व लायंस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में हृदयाघात जागरूकता सह सीपीआर प्रशिक्षण शिविर प्रतिनिधि, मेदिनीनगर शनिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति नगर भवन में हृदयाघात जागरूकता सह सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. यह शिविर जिला प्रशासन एवं लायंस क्लब ऑफ मेदिनीनगर के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करना तथा आपातकालीन स्थिति में सीपीआर की तकनीक सिखाना था. शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि एनडीसी नीरज कुमार ने किया. उन्होंने संस्था की सराहना करते हुए कहा कि बदलते परिवेश में हार्ट अटैक आम समस्या बनती जा रही है. ऐसे में लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क व जागरूक रहना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि अनियमित जीवनशैली और खराब खानपान हृदय रोगों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसे सुधार कर ही ऐसी बीमारियों से बचा जा सकता है. हर साल सात लाख लोग हृदयाघात से गंवा रहे जान : डॉ अनुपम कार्यक्रम में रांची के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अनुपम कुमार सिंह ने प्रोजेक्टर प्रस्तुति के माध्यम से हृदय रोगों के कारण, लक्षण, उपचार और बचाव पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हर वर्ष करीब सात लाख लोगों की मौत हार्ट अटैक की वजह से हो रही है, जो बेहद चिंताजनक है. उन्होंने बताया कि कम उम्र के युवा भी अब इस घातक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, जो समाज के लिए गंभीर संकेत है. उन्होंने सुझाव दिया कि मानसिक तनाव से बचें, नियमित व्यायाम करें, संतुलित भोजन लें और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें. उन्होंने यह भी कहा कि मानसिक शांति और तनाव मुक्त जीवनशैली अपनाकर हृदय रोगों से काफी हद तक बचा जा सकता है. सीपीआर तकनीक का व्यवहारिक प्रदर्शन डॉ प्रवीण सिद्धार्थ ने कार्यक्रम के दौरान सीपीआर (CPR) तकनीक का लाइव प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को प्रशिक्षित किया। उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को अचानक दिल का दौरा पड़ता है, तो तत्काल सीपीआर देने से उसकी जान बचाई जा सकती है. सीपीआर देने के बाद जल्द से जल्द उसे हृदय रोग विशेषज्ञ के पास ले जाना चाहिए. विशेषज्ञों ने दी उपयोगी सलाह सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि लाइफस्टाइल में बदलाव से अनेक बीमारियां जन्म ले रही हैं. ऐसे शिविर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग करने में मददगार होते हैं. इस अवसर पर मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीएन महतो, न्यूरो सर्जन डॉ. रवीश कुमार, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार, डॉ. चमन कुमार, डीईओ सौरव प्रकाश, डीएसई संदीप कुमार, डीएसडब्ल्यूओ नीता चौहान समेत जिले के कई गणमान्य चिकित्सक, अधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित थे. दवा किट का वितरण व सामूहिक भागीदारी कार्यक्रम के अंत में हृदय रोग से प्राथमिक बचाव हेतु दवा किट का वितरण किया गया. बड़ी संख्या में नागरिकों ने इसमें भाग लिया, जिसमें महिलाएं, युवा एवं वरिष्ठ नागरिक शामिल थे. लायंस क्लब अध्यक्ष गुरुवीर सिंह, लीली मिश्रा, प्रियंका आनंद साहू, रणजीत मिश्रा सहित क्लब के अनेक सदस्य भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन नीलेश चंद्रा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्वेता शेखर ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Akarsh Aniket

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola