संविधान भारत काीआत्मा है : पीडीजे

संविधान भारत काीआत्मा है : पीडीजे
संविधान दिवस पर व्यवहार न्यायालय परिसर में न्यायिक पदाधिकारी ने प्रस्तावना का पाठ पढ़ा प्रतिनिधि : मेदिनीनगर व्यवहार न्यायालय में बुधवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष श्रीराम शर्मा के नेतृत्व में संविधान की प्रस्तावना का पाठ पढ़ा गया. इसमें न्यायिक पदाधिकारी एलएडीसीएस के अधिवक्ता व व्यवहार न्यायालय के कर्मियों ने एक साथ संविधान प्रस्तावना का पाठ किया. मौके पर प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश श्रीराम शर्मा ने संविधान निर्माण इसके प्रस्तावना इसके लागू होने की चर्चा की. उन्होंने कहा कि संविधान भारत की आत्मा है. अधिकारों के साथ कर्तव्यों को जानना जरूरी है. 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को अंगीकृत किया गया था. जबकि 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया था. भारतीय संविधान पूरी दुनिया में जानी जाती है. इसके माध्यम से हम सभी को कई अधिकार दिये गये है. संवैधानिक विधि-विधान से देश संचालन हो रहा है. मौके पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश संजीव कुमार दास, जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम अखिलेश कुमार, चतुर्थ श्वेता ढींगरा, षष्टम राजकुमार मिश्रा ,नवम आभास कुमार, सीजेएम मनोरंजन कुमार, एसीजेएम सुशीला सोरेंग, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन,जेएम रवि शंकर पांडेय, निशिकांत, शंभू महतो, निर्भय प्रकाश, सौरभ कुमार गौतम, सोनम बिश्नोई, रशिम चंदेल, रेलवे जे एम प्रज्ञेश निगम, एसडीजेएम कमल प्रकाश, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ अमिताभचंद्र सिंह, डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय,असिस्टेंट वीर विक्रम बक्सराय, उत्तम कुमार, पुष्कर राज, नीतू सिंह के अलावा दर्जनों व्यवहार न्यायालय के कर्मी मौजूद थे. झालसा के निर्देश व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में विभिन्न प्रखंड के कस्तूरबा विद्यालय व अन्य स्थानों पर पारा लीगल वोलेंटियर्स के द्वारा संविधान के प्रस्तावना का पाठ किया गया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




