..नवजात की देखभाल के लिए रुपये नहीं देने पर दुर्व्यवहार

Updated:
विज्ञापन
..नवजात की देखभाल के लिए रुपये नहीं देने पर दुर्व्यवहार

अनुमंडलीय अस्पताल में प्रसव के नाम पर अवैध वसूली और लापरवाही का मामला सामने आया है.

विज्ञापन

फोटो 21 डालपीएच 4 तबियत बिगड़ने पर डेहरी-ओन-सोन अस्पताल में भर्ती कराया गया अस्पताल के कर्मियों ने पांच हजार मांगें प्रतिनिधि, हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल में प्रसव के नाम पर अवैध वसूली और लापरवाही का मामला सामने आया है. गढ़वा जिला के जयनगरा गांव के बजेंद्र कुमार ने बताया कि वह पत्नी सोनम कुमारी को 15 अगस्त को हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया था. शाम करीब 7:10 बजे सामान्य प्रसव से पत्नी ने बेटे को जन्म दिया. प्रसव के कक्ष में ऑन ड्यूटी एएनएम विनीता कुमारी, सुधा कुमारी, दाई प्रिया देवी ने नवजात की देखभाल के लिए 5000 रुपये की मांग करने लगी . यह कहा गया कि पैसा नहीं देने पर उचित देखभाल नहीं किया जायेगा . जिसके बाद परिजनों ने 2500 रुपये दिया गया. शेष राशि नहीं देने पर नवजात की देखभाल नहीं की गयी. वही प्रसव के बाद नवजात शिशु को लगे स्लाइन को नोंचकर फेंक दिया गया और परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. इसी बीच नवजात की अचानक तबियत बिगड़ने पर नवजात की जान बचाने के लिए अनुमंडलीय अस्पताल हुसैनाबाद से डेहरी ऑन सोन रोहतास (बिहार) के जीवन ज्योति चाइल्ड केयर अस्पताल में उसी रात 11: 45 बजे नवजात को भर्ती कराया.वहां मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि नवजात शिशु का अस्पताल में सही देखभाल नहीं होने से यह समस्या उत्पन्न हुई है. पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से दोषी एएनएम और दाई के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. मामले की जांच की जायेगी: प्रभारी स्वास्थ उपाधीक्षक अनुमंडलीय अस्पताल हुसैनाबाद के प्रभारी स्वास्थ उपाधीक्षक डॉ विनेश कुमार ने कहा कि एएनएम द्वारा प्रसव कक्ष में जबरन पैसा लेने की लिखित शिकायत मिली है. जांच टीम गठित कर मामले की जांच करायी जायेगी. दोषी पाये जाने पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
विकाश नाथ

लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola