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40 वर्ष पूर्व उत्तर कोयल परियोजना उवि बंदी के कगार पर

Updated at : 12 Jul 2025 11:07 PM (IST)
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40 वर्ष पूर्व उत्तर कोयल परियोजना उवि बंदी के कगार पर

पलामू जिले के मोहम्मदगंज प्रखंड के सिंचाई विभाग परिसर में स्थित करीब 40 वर्ष पूर्व उत्तर कोयल परियोजना उच्च विद्यालय बंदी के कगार पर है.

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वरीय संवाददाता, मेदिनीनगर

पलामू जिले के मोहम्मदगंज प्रखंड के सिंचाई विभाग परिसर में स्थित करीब 40 वर्ष पूर्व उत्तर कोयल परियोजना उच्च विद्यालय बंदी के कगार पर है. वर्ष 1985 में इस विद्यालय की स्थापना हुई थी. मोहम्मदगंज प्रखंड का पहला उच्च विद्यालय होने का गौरव प्राप्त हुआ था .इस विद्यालय की स्थापना से इस प्रखंड समेत कांडी, उंटारी रोड प्रखंड के कई गांव के बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगाने वाला यह विद्यालय सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण पूरी तरह बंद होने की स्थिति में है. स्थापना काल में विदयालय का संचालन के लिए कुल 17 कर्मी विभाग ने लाभुक समिति गठित किया गया था. इसमें 10 शिक्षक व सात अन्य स्थानीय ग्रामीणों को रखा गया था. स्थापना काल से कई वर्षों तक विद्यालय में छात्रों को शिक्षा गुणवत्तापूर्ण मिलती रही. बाद के दिनों में कर्मियों का वेतन भुगतान को लेकर विद्यालय का पठन-पाठन प्रभावित होने लगा. कई शिक्षक व अन्य कर्मी सेवानिवृत्त हो गये. वर्ष 2027 में चंद्रशेखर मेहता भी सेवानिवृत हो जायेंगे. इसके बाद विद्यालय शिक्षक विहिन हो जायेगा. इस संंबंध में सिंचाई विभाग के रूपांकन प्रमंडल टू के कार्यपालक अभियंता सजित जॉन होरो को पक्ष लेने के लिए कई बार दुरभाष पर कॉल किया गया. लेकिन रिसीव नहीं किया.

विद्यालय पहुंचा बंदी के कगार पर

प्रारंभिक दौर से सिंचाई परियोजना द्वारा संचालित इस विद्यालय को बाद के दिनों में शिक्षा विभाग ने अधिग्रहण नहीं किया. अधिग्रहण को लेकर कई बार लिखित रूप में सूचित किया गया.अभिभावकों समेत जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में विभाग से गुहार लगायी.उसके बाद भी विभाग ने इस विद्यालय का शिक्षा के प्रति गभीर मामले को अनदेखी किया. विद्यालय का अधिग्रहण होने से शिक्षा का दीप आगे भी जलता रहेगा.इस विद्यालय में सभी आधरभूत संरचना मौजूद है.इसका अपना भवन है. खेल का मैदान समेत अन्य सारी चीजें उपलब्ध है जो एक उवि के लिए होता है.

दो साल का आवंटित वेतन सिंचाई विभाग ने किया वापस

पलामू जिला का सिंचाई विभाग रूपांकन प्रमंडल दो के अधीन आज भी यह विद्यालय है. शिक्षक चंद्रशेखर मेहता का अप्रैल 2023 से मार्च 2025 तक का वेतन मद में परियोजना से करीब 12 लाख की राशि वेतन भुगतान मद में आवंटित किया गया. मगर भुगतान नहीं किया गया. आवंटित राशि को वापस कर दिया गया.विद्यालय का इस वर्ष मैट्रिक का परिणाम शत प्रतिशत हुआ है.इस वर्ष वर्ग दस में 106 व नौ में कुल 65 बच्चे नामंकित है.

विद्यालय की एकमात्र शिक्षक भी भुखमरी के कगार पर

वेतन के अभाव में शिक्षक चंद्रशेखर मेहता व उनका परिवार भुखमरी की स्थिति में है. पिता नथुनी मेहता मृत्यु शैया पर है. शिक्षक खुद भी अस्वस्थ है. बताया कि वर्ष 2005 से वे शिक्षक के रूप में पदस्थापित है. उन्हें विभाग ने विद्यालय संचालन का लिखित प्रभार दिया है.लेकिन वेतन नही मिल रहा है.बल्कि आवंटित वेतन भुगतान उन्हें बिना बताये विभाग को वापस किया गया.जो यह गंभीर मामला है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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