खपरैल घर में ही सात वर्गो की पढ़ाई

Updated at : 15 Jun 2014 6:16 AM (IST)
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खपरैल घर में ही सात वर्गो की पढ़ाई

स्कूल के नाम पर पक्का भवन बना, ढलाई हुई, फिर काम ठप कहानी लेस्लीगंज के जुरू मध्य विद्यालय की लेस्लीगंज (पलामू) : स्कूल के नाम पर पक्का भवन बना. ढलाई हुई. उसके बाद काम रुक गया. कहा गया कि जिस योजना मद से भवन का निर्माण हो रहा था, वह योजना ही बंद हो गयी. […]

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स्कूल के नाम पर पक्का भवन बना, ढलाई हुई, फिर काम ठप

कहानी लेस्लीगंज के जुरू मध्य विद्यालय की

लेस्लीगंज (पलामू) : स्कूल के नाम पर पक्का भवन बना. ढलाई हुई. उसके बाद काम रुक गया. कहा गया कि जिस योजना मद से भवन का निर्माण हो रहा था, वह योजना ही बंद हो गयी. उसके बाद इस भवन को देखने कोई भी सरकारीकर्मी नहीं पहुंचा. भवन किस हाल में है, कोई देखनेवाला नहीं था. उस पर एक ग्रामीण का कब्जा हो गया. वह अपने घर के रूप में उसका उपयोग कर रहा है. जबकि जुरू का मध्य विद्यालय एक खपड़ैल घर में चल रहा है. अभी स्कूल में छुट्टी है.

जब स्कूल खुला रहता है, तो मध्याह्न् भोजन खुले आकाश के नीचे बनता है. स्कूल में वर्ग एक से सात तक की पढ़ाई होती है और कमरे मात्र दो हैं. समझा जा सकता है दो कमरे में सात वर्ग की पढ़ाई कैसे होती होगी. पर कोई देखनेवाला नहीं. किसी तरह पढ़ाई चल रही है. जुरू के मुखिया सूर्यदेव भुइयां भी इस मामले में कुछ कहने से परहेज करते हैं. बताया जाता है कि वर्ष 1997-98 में सुनिश्चित रोजगार योजना के तहत भवन का निर्माण हुआ था. उसके बाद योजना बंद हो गयी थी, जिसके कारण कार्य अधूरा ही रह गया. अब भूमि के अभाव में विद्यालय का नया भवन भी नहीं बन पा रहा है.

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