रैगिंग व उसके दुष्परिणाम पर डाला गया प्रकाश
Published by : BIKASH JASWAL Updated At : 13 Dec 2025 6:26 PM
बहरामपुर स्थित मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय की ओर से ‘शिक्षण संस्थानों में रैगिंग और उसके दुष्परिणाम’ विषय पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
फरक्का. मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर स्थित मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय की ओर से ‘शिक्षण संस्थानों में रैगिंग और उसके दुष्परिणाम’ विषय पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ जेन आलम, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ रुद्र प्रताप व अन्य ने शिरकत की. इस कार्यक्रम में बीए, बीएससी, एमए और एसएससी पाठ्यक्रमों के नव प्रवेशित लगभग 1,500 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. रैगिंग के इस कानूनी पहलुओं और परिणामों के बारे में जानकारी देने के लिये विशेष रूप से बहरामपुर थाने के आइसी उदय शंकर घोष आमंत्रित थे. इन्होंने इसकी सभी पहलुओं की जानकारी दी. साथ ही संस्थागत प्रबंधकों के दायित्व व जिम्मदारियों से भी अवगत कराया. वहीं, अपने संबोधन में कुलपति डॉ जेन आलम ने बताया कि रैगिंग आज के समाज में एक अभिशाप जैसा है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










