अवैध खनन कर निकाले पत्थर

Updated at : 03 Mar 2016 12:50 AM (IST)
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अवैध खनन कर निकाले पत्थर

अनियमितता. सड़क बनाने की अनुमति ली, पेड़ काट कर बनाया डायवर्सन लोहरदगा : पथ निर्माण विभाग द्वारा शंख, चांपी व लुकैया मोड़ तक सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. इसमें पेड़ों की कटाई, वन भूमि से अवैध खनन व मिट्टी की कटाई करने का मामला प्रकाश में आया है. इस बात का खुलासा तब […]

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अनियमितता. सड़क बनाने की अनुमति ली, पेड़ काट कर बनाया डायवर्सन
लोहरदगा : पथ निर्माण विभाग द्वारा शंख, चांपी व लुकैया मोड़ तक सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. इसमें पेड़ों की कटाई, वन भूमि से अवैध खनन व मिट्टी की कटाई करने का मामला प्रकाश में आया है.
इस बात का खुलासा तब हुआ, जब वन विभाग के अधिकारियों ने इस इलाके का भ्रमण किया. पथ विभाग ने वन क्षेत्र से पत्थरों का खनन कर उसका भी उपयोग सड़क निर्माण कार्य में किया. वन विभाग ने डीएफओ को जो रिपोर्ट दी है, उसमें कहा गया है कि वन भूमि पर डायवर्सन बनाया गया है. मोटे -मोटे पेड़ काट दिये गये हैं.
निरीक्षण के दौरान ही पांच ट्रैक्टरों पर अवैध पत्थर लदा पाया गया था. उसे सड़क निर्माण के लिए ले जाया जा रहा था. पुलिस को भी इसकी सूचना दी गयी, लेकिन पुलिस के आने के पूर्व ठेकेदार ने सड़क निर्माण स्थल पर पत्थर गिरवा दिया. इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. वहीं, उपायुक्त द्वारा बनाये गये जांच दल ने भी पांच माह बाद रिपोर्ट नहीं दी है.
वन संरक्षक व वन प्रमंडल पदाधिकारी को दी रिपोर्ट
इस संबंध में सहायक वन संरक्षक वन प्रमंडल, लोहरदगा एवं वन क्षेत्र पदाधिकारी, कुडू ने स्थल जांच कर इसकी रिपोर्ट वन संरक्षक गुमला एवं वन प्रमंडल पदाधिकारी लोहरदगा को दी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थल निरीक्षण में पाया गया कि दुबांग पीएफ जहां से वन सीमा शुरू हुई है, पूर्व के वन पथ को दोनों ओर काट कर मिट्टी बिछायी गयी है. पुल निर्माण का काम भी कर लिया गया है. वन भूमि को काट कर डायवर्सन बनाने के दाैरान पेड़ों की कटाई भी कर दी गयी है. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण काम करानेवाले संवेदक के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. वन संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के दोषी सरकारी पदाधिकारी एवं कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही गयी है.
डीसी ने जांच टीम का किया था गठन
डीसी ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम कागठन किया था. इसमें जिला खनन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, डीएसपी एवं वन क्षेत्र पदाधिकारी कुडू को रखा गया था. इस दल ने दुबांग मोड़ तक का निरीक्षण भी किया. सुरक्षा की बात कह कर टीम के लोग आगे नहीं गये. इसके कारण अब तक जांच पूरी नहीं हो पायी. जांच टीम में शामिल राजीव कुमार ने बताया कि टीम फिर जायेगी. शीघ्र ही जांच का काम पूरा किया जायेगा.
वन प्रमंडल पदाधिकारी का रिक्त है पद
लोहरदगा में वन प्रमंडल पदाधिकारी का पद रिक्त है. यही वजह है कि कई तरह की परेशानियां पेश आ रही हैं. आठ दिसंबर, 2015 को लोहरदगा के वन प्रमंडल पदाधिकारी केपी साहू को स्वत: विरमित करने के बाद अब तक यहां किसी की पोस्टिंग नहीं की गयी है.
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