प्रखंड बने पांच साल हो गये, काम कुछ भी नहीं

Published at :16 Dec 2014 3:04 PM (IST)
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प्रखंड बने पांच साल हो गये, काम कुछ भी नहीं

लोहरदगा : पेशरार क्षेत्र के विकास के उद्देश्य से पेशरार को प्रखंड का दरजा मिले लगभग पांच वर्ष हो रहे हैं. बावजूद इसके क्षेत्र के विकास के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है. पेशरार क्षेत्र में न तो प्रखंड कार्यालय बन सका है और न ही अन्य कार्यालय कार्यरत है. पेशरार प्रखंड […]

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लोहरदगा : पेशरार क्षेत्र के विकास के उद्देश्य से पेशरार को प्रखंड का दरजा मिले लगभग पांच वर्ष हो रहे हैं. बावजूद इसके क्षेत्र के विकास के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है. पेशरार क्षेत्र में न तो प्रखंड कार्यालय बन सका है और न ही अन्य कार्यालय कार्यरत है.
पेशरार प्रखंड का सारा सरकारी कार्य किस्को प्रखंड से संचालित होता है. पेशरार प्रखंड के बीडीओ सहित अन्य कर्मचारी किस्को से ही कार्यो का निष्पादन करते हैं. जिससे लोगों को परेशानी होती है. सरकार की महत्वकांक्षी योजना मनरेगा के संचालन के लिए प्रत्येक पंचायतों में पंचायत सचिवालय का निर्माण कर इसे अत्याधुनिक तरीके से सुसज्जित करना था, लेकिन इसमें भी पेशरार पंचायत भवन का निर्माण तक पूरा नहीं हो सका.
पंचायत भवन का निर्माण लगभग 20 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा था. पंचायत सचिवालय में वी सेट लगा कर विकास कार्यो को संचालित करना था, लेकिन पेशरार पंचायत भवन का निर्माण कार्य अधूरा है. पंचायत भवन निर्माण कार्य विभागीय जेइ से कराया जा रहा था. जेइ के सेवानिवृत्त होने के बाद पंचायत भवन निर्माण ज्यों का त्यों रह गया. क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए पंचायत भवन विकास कार्य का मुख्यालय माना जाता है. जिसमें मुखिया सहित अन्य पंचायत के कर्मी बैठते हैं. कार्यों का निष्पादन करते हैं. पंचायत भवन अधूरा रहने के कारण यहां किसी प्रकार की सुविधा नहीं है. जिसके कारण कर्मी यहां नहीं रहते.
कोई नहीं देता है ध्यान : मुखिया
पंचायत भवन निर्माण के संबंध में पूछे जाने पर मुखिया भरत किसान का कहना है कि विभागीय कार्य हो रहा था. जेइ के सेवानिवृत्त होने के बाद कार्य अधूरा रह गया. इसके निर्माण को लेकर कोई सक्रिय नहीं है. जिसके कारण पंचायत संबंधी कार्य निबटाने में परेशानी होती है. क्षेत्र के लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी प्राप्त नहीं है.
क्षेत्र में न तो आवागमन का साधन है और न ही बिजली की सुविधा है. बच्चों के पढ़ने-लिखने के लिए अच्छा विद्यालय भी नहीं है. स्वास्थ्य सुविधा की भी स्थिति ठीक नहीं है. पांच वर्ष के बाद भी यहां प्रखंड कार्यालय का निर्माण तक शुरु नहीं हो सका है. अन्य कार्यालय भी किस्को से ही संचालित हो रहे हैं.
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