सनातन धर्म की रक्षा के लिए आगे आना होगा : बालकानंद गिरी

सनातन धर्म की रक्षा के लिए आगे आना होगा : बालकानंद गिरी
लातेहार ़ संभल से कोलकाता की यात्रा पर निकले जूना अखाड़ा के प्रख्यात संत बालकानंद गिरी महाराज मंगलवार की रात लातेहार पहुंचे. शहर के श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर में रात्रि विश्राम के दौरान श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. बुधवार की सुबह कोलकाता प्रस्थान करने से पूर्व उन्होंने भक्तों को संबोधित करते हुए धर्म और राष्ट्र की रक्षा का आह्वान किया. संभल का है ऐतिहासिक महत्व, यहीं होगा कल्कि अवतार : संत बालकानंद गिरी ने संभल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह 5000 वर्ष पुराना ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है. पुराणों के अनुसार, यह वही पावन भूमि है जहां भगवान विष्णु का दसवां अवतार यानी ””””कल्कि अवतार”””” प्रकट होगा. उन्होंने कहा कि अपनी प्राचीन संस्कृति, विरासत और सत्य, अहिंसा व करुणा जैसे मानवीय मूल्यों को जीवित रखने के लिए सनातन धर्म का संरक्षण अनिवार्य है. जो धर्म की रक्षा करता है, ईश्वर उसकी रक्षा करते हैं : संबोधन के दौरान उन्होंने वर्तमान चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतवर्ष को सुरक्षित रखने के लिए सभी सनातनियों को एकजुट होना होगा. उन्होंने जोर देकर कहा, धर्मो रक्षति रक्षितः अर्थात जो धर्म की रक्षा करता है, ईश्वर उसकी रक्षा स्वयं करते हैं. सनातन केवल पूजा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक शाश्वत शैली है, जो सामाजिक एकता का आधार है. योगी सरकार के कार्यों की सराहना की : अपनी यात्रा के सातवें दिन लातेहार पहुंचे श्री गिरी ने कहा कि प्रभु की इच्छा से ही वे इस यात्रा पर निकले हैं. रास्ते में उन्हें भक्तों का अपार स्नेह और आदर मिल रहा है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान में सनातन धर्म और हिंदुओं के गौरव की रक्षा के लिए अभूतपूर्व कार्य किये जा रहे हैं.
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