राजा मेदिनी राय की याद में दो दिवसीय बेतला मेला आज से

राजा मेदिनी राय की याद में दो दिवसीय बेतला मेला आज से
बेतला़ लोक आस्था के महापर्व छठ के पारण के बाद पलामू के प्रतापी राजा मेदिनी राय की याद में लगने वाला ऐतिहासिक दो दिवसीय बेतला मेला बुधवार से शुरू होगा. मेले को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. आयोजन समिति ने मेला को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विस्तृत समीक्षा की है. वहीं, प्रशासन ने भी सुरक्षा, ट्रैफिक और व्यवस्था से जुड़ी रणनीति तैयार की है. बेतला नेशनल पार्क प्रबंधन ने जंगल और वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए विशेष प्रबंध किये हैं. मेले को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है. पलामू प्रमंडल के कोने-कोने से हर साल लाखों की संख्या में लोग पलामू किला परिसर में लगने वाले इस मेले में पहुंचते हैं. इसकी भव्यता का लोग पूरे वर्ष इंतजार करते हैं. मंगलवार को भी काफी संख्या में श्रद्धालु बेतला नेशनल पार्क और पलामू किला पहुंचे थे. पलामू किला : इतिहास और गौरव का प्रतीक : पलामू किला चेरो राजवंश की शौर्यगाथा का जीवंत प्रतीक है. यह किला तत्कालीन राजाओं की शासन व्यवस्था, सैन्य प्रशासन और सामाजिक-आर्थिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. मुगलकालीन संस्कृति की झलक भी यहां देखने को मिलती है. औरंगा नदी के किनारे घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह किला प्राकृतिक सौंदर्य की अद्भुत मिसाल है. किले में आज भी कई ऐतिहासिक अवशेष मौजूद हैं, जिनमें पलामू और शाहपुर किले को जोड़ने वाली सुरंग भी शामिल है. राजा मेदिनी राय के शासनकाल की झलक इस किले के स्थापत्य और कारीगरी में आज भी जीवित है. हर साल मेला इस गौरवशाली इतिहास को याद करने और समझने का अवसर बनकर आता है.
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