ओके:::पलामू टाइगर रिजर्व में टूरिस्ट की तरह आ रहे हैं बाघ: सरयू राय

Updated:
विज्ञापन
ओके:::पलामू टाइगर रिजर्व में टूरिस्ट की तरह आ रहे हैं बाघ: सरयू राय

झारखंड विधानसभा की प्रत्यायुक्त समिति के सभापति सरयू राय ने कहा कि पलामू टाइगर रिजर्व को स्वायत्त निकाय (ऑटोनॉमस बॉडी) बनाने की जरूरत है, ताकि वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के प्रोविजन के अनुसार काम किया जा सके.

विज्ञापन

तसवीर-7 लेट-4 जानकारी देते श्री रायसंतोष कुमार.

बेतला. झारखंड विधानसभा की प्रत्यायुक्त समिति के सभापति सरयू राय ने कहा कि पलामू टाइगर रिजर्व को स्वायत्त निकाय (ऑटोनॉमस बॉडी) बनाने की जरूरत है, ताकि वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के प्रोविजन के अनुसार काम किया जा सके. वर्तमान में स्वायत्त निकाय नहीं होने के कारण छोटी-छोटी योजनाओं को लागू करने के लिए निर्णय सरकार के हाथ में होता है. श्री राय बेतला दौरे के क्रम में पत्रकारों से उक्त बातें कही. उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि 1973 में देश में नौ टाइगर रिजर्व की स्थापना की गयी थी. इनमें पलामू टाइगर रिजर्व बेहतर स्थिति में था, लेकिन आज वह बदतर स्थिति में है. पीटीआर की ऐसी स्थिति क्यों बनी इस कारण की पड़ताल की जानी चाहिये और जिसकी ओर से भी कमी रहा है उसे दूर किया जाना चाहिये. उन्होंने कहा कि यह बताया गया कि छह बाघ हैं. हैरानी की बात है कि पलामू टाइगर रिजर्व में टूरिस्ट की तरह बाघ आ रहे हैं और चले जा रहे हैं, इसलिए इस तरह का काम करना होगा, जिससे बाघों का प्रवास स्थायी रूप से हो सके. उन्होंने कहा कि कोर एरिया से गांव को पुनर्वासित करने का काम किया जा रहा है. यह जंगल और जानवर के लिए बेहतर है. लेकिन जो गांव पलामू टाइगर रिजर्व के बाहर हैं, उन्हें घेराबंदी कर देने से कोई हल नहीं निकलनेवाला नहीं है, बल्कि उन गांवों के ग्रामीणों से भी जंगल बचाने में सहयोग लेने की जरूरत है. उन्हें रोजगार सृजन का अवसर दिया जाना चाहिये. उनके सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक क्रियाओं में वन विभाग के पदाधिकारी को मिलकर काम करना चाहिये. जेसीबी मशीन से काम करने के बजाय ग्रामीणों से काम कराया जाना चाहिये, ताकि उन्हें आर्थिक लाभ मिल सके. सभापति ने कहा कि समिति पलामू टाइगर रिजर्व के दौरे पर इसलिए हैं, ताकि वह यहां समस्याओं को करीब से देख सके. यहां की जमीनी हकीकत को समझ कर समस्याओं से रूबरू हो सके. पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि पीटीआर के संरक्षण और संवर्धन में जो भी कठिनाइयां हैं, उनका प्रतिवेदन तैयार कर उन्हें दें, ताकि राज्य स्तरीय बैठक में उसे सरकार और पदाधिकारी के बीच रखा जा सके. वह स्वयं 2016 से पीटीआर में लगातार आते रहे हैं और सुझाव देते रहे हैं. मौके पर समिति के सदस्य दुमका जिले के जरमुंडी विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवेंद्र कुंवर समेत कई लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
विकाश नाथ

लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola