सिकल सेल एनीमिया वंशानुगत बीमारी है, जागरूकता जरूरी : डाॅ बड़ाईक

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सिकल सेल एनीमिया वंशानुगत बीमारी है, जागरूकता जरूरी : डाॅ बड़ाईक

सिकल सेल एनीमिया वंशानुगत बीमारी है, जागरूकता जरूरी : डाॅ बड़ाईक

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बालूमाथ़ प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में गुरुवार को विश्व सिकल सेल को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ प्रकाश बड़ाइक, डॉ सुरेंद्र कुमार, डॉ अलीशा टोप्पो, डॉ रविरंजन, डॉ सुरभी, बीपीएम मृत्युंजय कुमार समेत अन्य ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की शुरूआत की. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ बड़ाईक ने बताया कि विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस हर साल 19 जून को मनाया जाता है. सिकल सेल रोग के बारे में लोगों की जानकारी व समझ बढ़ाना तथा रोगियों व उनकी देखभाल करनेवालों द्वारा चुनौतियों को लेकर जागरूकता बढ़ाना है. बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक वंशानुगत बीमारी है. यह माता-पिता से जीन के माध्यम से बच्चों में स्थानांतरित होती है. यह लाल रक्त कोशिकाओं के आकार को प्रभावित करता है. इससे वे दरांती के आकार की हो जाती है. सिकल आकार की कोशिकाएं तेजी से टूटती हैं. इससे एनीमिया हो जाता है. क्योंकि शरीर उन्हें शीघ्रता से प्रतिस्थापित नहीं कर पाता. शिविर में डॉ सुरभि कुमारी ने बताया कि यह जागरूकता अभियान प्रखंड में 25 जून तक चलाया जायेगा. इसमें एएनएम अपने-अपने सेंटर में लोगों को इससे संबंधित जानकारी देंगी. जागरूकता को लेकर कार्यक्रम भी किये जायेंगे. इससे रोग से पीड़ित मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र लाने का कार्य करेंगी. मौके पर काफी संख्या में कर्मी व ग्रामीण भी मौजूद थे.

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Shailesh Ambashtha

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