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झारखंड की ये रेल लाइन कई राज्यों के लिए बनेगी वरदान, कोलकाता से मुंबई की दूरी होगी 400 किलोमीटर कम

Updated at : 25 May 2025 6:55 PM (IST)
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New Railway Line of Jharkhand

झारखंड में जल्द होगा रेल लाइन का निर्माण.

New Railway Line of Jharkhand: बरवाडीह-चिरिमिरी रेल लाइन का काम वर्ष 1942 में ब्रिटिश शासन में ही शुरू हुआ था. जमीन का अधिग्रहण और रेलवे लाइन का निर्माण भी हुआ. रेल लाइन बिछायी गयी. वर्ष 1962 से चिरिमिरी से विश्रामपुर तक 129 किलोमीटर रेलखंड पर ट्रेनें चलतीं हैं. अंबिकापुर से विश्रामपुर तक रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है. यह रेल खंड 19 किलोमीटर का है

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New Railway Line in Jharkhand| झारखंड की एक रेलवे लाइन कई राज्यों के लिए वरदान साबित होने वाली है. इस रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद कोलकाता से मुंबई की दूरी करीब 400 किलोमीटर घट जायेगी. अभी मुंबई से कोलकाता की दूरी 1950 किलोमीटर है. इसे पूरा करने में ट्रेनों को 26:30 घंटे से 37-38 घंटे तक लग जाते हैं. झारखंड के बरवाडीह की चिरिमिरी रेल लाइन और चतरा रेल लाइन परियोजना के पूरा होते ही दोनों महानगरों की यात्रा कम से कम 8 घंटे कम हो जायेगी. चतरा के सांसद कालीचरण सिंह ने कहा है कि सभी रेल अधिकारियों से कहा गया है कि इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करें, ताकि झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लोगों को रेल यात्रा में सुविधा हो.

2023 के रेल बजट में परियोजनाओं को मिली मंजूरी

कालीचरण सिंह ने कहा कि इन दोनों रेल परियोजनाओं के पूरा हो जाने के बाद पलामू प्रमंडल के लोगों को बहुत लाभ होगा. उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इस परियोजना पर शीघ्र काम शुरू होगा. इस परयोजना पर काम शुरू करवाने की दिशा में मैं लगातार काम कर रहा हूं. वर्ष 2023 के रेल बजट में नयी रेल लाइन को मंजूरी दी गयी थी. इसके तहत 182 किलोमीटर रेल लाइन का विस्तार होगा. उन्होंने बताया कि बरवाडीह-चिरिमिरी रेल लाइन परियोजना का सर्वे जनवरी में ही हो चुका है. इसका डीपीआर भी तैयार हो चुका है.

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1962 से चिरिमिरी से विश्रामपुर तक चल रही ट्रेन

बरवाडीह-चिरिमिरी रेल लाइन का काम वर्ष 1942 में ब्रिटिश शासन में ही शुरू हुआ था. जमीन का अधिग्रहण और रेलवे लाइन का निर्माण भी हुआ. रेल लाइन बिछायी गयी. वर्ष 1962 से चिरिमिरी से विश्रामपुर तक 129 किलोमीटर रेलखंड पर ट्रेनें चलतीं हैं. अंबिकापुर से विश्रामपुर तक रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है. यह रेल खंड 19 किलोमीटर का है. लेकिन, अड़चन यह है कि अंबिकापुर से बड़वाडीह तक रेलवे लाइन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है. अगर इस 182 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा हो जाता है, तो झारखंड, छत्तीसगढ़ से लेकर बंगाल और महाराष्ट्र तक के लोगों की यात्रा बहुत आसान हो जायेगी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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