बेतला नेशनल पार्क के जंगल सफारी गाइड हुए हाइटेक, मॉडर्न नॉलेज से लैस और प्रोफेशनल
पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल लोग| Prabhat Khabar Network
बेतला नेशनल पार्क में स्थानीय गाइडों को पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण देकर आधुनिक और प्रोफेशनल नेचर गाइड के रूप में तैयार किया गया. इससे पर्यटकों को जंगल सफारी का बेहतर अनुभव मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
संतोष कुमार की रिपोर्ट
बेतला (लातेहार): पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के बेतला नेशनल पार्क आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को अब जंगल सफारी का नया और समृद्ध अनुभव मिलेगा. वर्षों से पारंपरिक तरीके से पर्यटकों को जंगल की सैर कराने वाले स्थानीय गाइड अब आधुनिक तकनीक, गहन ज्ञान और प्रोफेशनल व्यवहार से लैस नेचर गाइड के रूप में नजर आएंगे. पलामू टाइगर रिजर्व के सहयोग से द नेचुरलिस्ट स्कूल की ओर से स्थानीय गाइडों के लिए पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कुल 60 घंटे के इस गहन प्रशिक्षण में थ्योरी क्लास के साथ फील्ड ट्रेनिंग भी दी गयी. प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को एक कुशल नेचर गाइड के लिए जरूरी ज्ञान, व्यवहार कुशलता, आधुनिक तकनीक और जंगल सफारी से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गयी.
मास्टर ट्रेनर्स ने सिखाये नेचर गाइडिंग के आधुनिक गुर
विशेष नेचर गाइड कोर्स के संचालन के लिए द नेचुरलिस्ट स्कूल की ओर से तीन अनुभवी और उच्च प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स बेतला पहुंचे थे. प्रशिक्षण को व्यावहारिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने पर विशेष जोर दिया गया. लेफ्टिनेंट कर्नल नंदिनी सेन (सेवानिवृत्त आर्मी अफसर) ने कोर्स डायरेक्टर के रूप में प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व किया. उनके मार्गदर्शन में अनुशासन और प्रोफेशनल व्यवहार से जुड़े पहलुओं पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया. प्रकृति सुब्रमण्यम ने युवाओं को प्रकृति, पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र की बारीकियों से अवगत कराया. वहीं सिद्धेश जे शंकर ने फील्ड वर्क और जंगल सफारी से जुड़े तकनीकी पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी दी, ताकि गाइड किसी भी जमीनी परिस्थिति में बेहतर तरीके से काम कर सकें. प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने युवाओं को विशेष गाइडिंग किट भी प्रदान की. सफारी के दौरान इस किट के जरिए पर्यटकों को जंगल, वन्यजीव और प्रकृति के बारे में बेहतर एवं वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
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पेड़-पौधों से वन्यजीवों तक, गाइडों ने सीखे कई हुनर
प्रशिक्षण के बाद स्थानीय गाइडों के काम करने के तरीके और उनके ज्ञान के स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है. उन्हें बेतला के पेड़-पौधों, विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों और वन्यजीवों की सटीक पहचान के साथ उनके व्यवहार को समझने का प्रशिक्षण दिया गया. गाइडों को पलामू टाइगर रिजर्व के जंगलों में पायी जाने वाली पारंपरिक जड़ी-बूटियों और उनके औषधीय महत्व के बारे में भी जानकारी दी गयी. अब वे पर्यटकों को इन प्राकृतिक संसाधनों के बारे में अधिक वैज्ञानिक और तथ्यपरक तरीके से जानकारी दे सकेंगे. इसके अलावा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के साथ विनम्र, सुरक्षित और प्रोफेशनल व्यवहार करने पर भी विशेष जोर दिया गया. इससे विदेशी पर्यटकों को बेहतर अनुभव और सुरक्षा का भरोसा देने में मदद मिलेगी.
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर खुलेंगे
पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने कहा कि इस पहल से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक सम्मानजनक और बेहतर अवसर मिलेंगे. साथ ही बेतला और पलामू टाइगर रिजर्व की पर्यटन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और प्रोफेशनल नेचर गाइड पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों के बारे में बेहतर जानकारी दे सकेंगे. इससे पर्यटकों के अनुभव में सुधार होगा और पलामू टाइगर रिजर्व की पहचान एक सुरक्षित, समृद्ध और गुणवत्तापूर्ण पर्यावरण-पर्यटन स्थल के रूप में वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत होगी.
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लेखक के बारे में
By विकाश नाथ
26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.
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