बनहरदी कोल परियोजना के लिए आयोजित ग्रामसभा बेनतीजा, रैयतों का विरोध

Updated at : 18 Mar 2026 9:34 PM (IST)
विज्ञापन
बनहरदी कोल परियोजना के लिए आयोजित ग्रामसभा बेनतीजा, रैयतों का विरोध

बनहरदी कोल परियोजना के लिए आयोजित ग्रामसभा बेनतीजा, रैयतों का विरोध

विज्ञापन

चंदवा़ बनहरदी कोल परियोजना (एनटीपीसी) के लिए वनभूमि अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत बुधवार को तीन मुहान के समीप ग्राम सभा आयोजित की गयी. ग्राम प्रधान इंद्रदेव उरांव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अंचल अधिकारी सुमित कुमार झा और कंपनी प्रबंधन के अधिकारी मौजूद थे, लेकिन रैयतों के कड़े रुख के कारण वार्ता बेनतीजा रही. प्रबंधन के दावों पर रैयतों का अविश्वास : कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को विस्थापन-पुनर्वास नीति, एनयूटी पॉलिसी और सीबीए एक्ट की जानकारी देते हुए उचित मुआवजा व रोजगार का भरोसा दिया. प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि जमीन के बदले जमीन देना व्यावहारिक नहीं है, पर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और वयस्कों को पुनर्स्थापन लाभ शत-प्रतिशत मिलेगा. वहीं, ग्रामीणों ने पांचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा कि प्रबंधन नियमों की अनदेखी कर रहा है. रैयतों ने बिना ग्रामसभा की अनुमति के कार्य शुरू करने और ग्रामीणों को धोखे से ओडिसा ले जाकर ””””लोक लुभावन सपने”””” दिखाने पर भी नाराजगी जतायी. अधूरा रहा एनओसी का मुद्दा : भूमि अधिग्रहण की शर्तों और ग्रामसभा की पूर्व अनुमति न लेने के मुद्दे पर ग्रामीण किसी भी समझौते को तैयार नहीं हुए. रैयतों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लेख नहीं कर रहा, जिससे अविश्वास की स्थिति पैदा हो गयी है. विरोध के बीच ग्रामसभा बिना किसी ठोस निर्णय के समाप्त हो गई. मौके पर प्रभावित गांवों के काफी संख्या में महिला-पुरुष रैयत उपस्थित थे.

विज्ञापन
SHAILESH AMBASHTHA

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola