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पहले पैदल व बैलगाड़ी होता था चुनाव प्रचार

Updated at : 28 Apr 2024 8:31 PM (IST)
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पहले पैदल व बैलगाड़ी होता था चुनाव प्रचार

प्रखंड के अलौदिया पंचायत अंतर्गत सरोज नगर निवासी वरिष्ठ मतदाता रामयश पाठक (85 वर्ष) आगामी चुनाव को लेकर काफी उत्सुक हैं.

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चंदवा. प्रखंड के अलौदिया पंचायत अंतर्गत सरोज नगर निवासी वरिष्ठ मतदाता रामयश पाठक (85 वर्ष) आगामी चुनाव को लेकर काफी उत्सुक है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हमें मतदान का अधिकार मिला है. हर मतदाता अपने मतदान का प्रयोग जरूर करें. पहले और अब के चुनाव में काफी अंतर पैदा हो गया है. पहले चुनाव प्रचार पैदल और बैलगाड़ी से होता था. किस गांव की ओर प्रचार को जाना है, पार्टी के कार्यकर्ता इसकी तैयारी सुबह से ही करते थे. दीवार लेखन भी जबरदस्त तरीके से होता था. खुद से बनाये गये स्लोगन व नारे का जमकर इस्तेमाल होता था. इसमें काफी मजा भी आता था. इतना ही नहीं कार्यकर्ता अपने पास सत्तू व चुड़ा-गुड़ रखा करते थे. कई बार गांव में वहीं खाकर कार्यकर्ता प्रचार करते थे. वोटिंग करने व पोलिंग पार्टी को करवाने में भी काफी परेशानी होती थी. प्रत्याशियों का खर्च भी कम होता था. आज स्थिति बदल गयी है. चुनाव में अब सिर्फ पैसे की बात होती है. रैलियां, जनसभा, जनसंपर्क का स्वरूप भी बदल गया है. दीवार लेखन व बैनर का स्थान बड़े-बड़े फ्लैक्स ने ले लिया है. पहले प्रत्याशी की जगह कई दिनों तक कार्यकर्ता ही प्रचार में लगे रहते थे. अब लोग प्रत्याशी को देखना व समझना चाहते हैं. उन्होंने लोगों से लोकतंत्र में मिले इस अधिकार का शत-प्रतिशत उपयोग करने की अपील की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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