बेतला रेंज कार्यालय पर ग्रामीणों का प्रदर्शन, वन पट्टा देने की मांग

बेतला रेंज कार्यालय पर ग्रामीणों का प्रदर्शन, वन पट्टा देने की मांग
बेतला़ संयुक्त ग्राम सभा के बैनर तले मंगलवार को वन अधिकार कानून के प्रावधानों को लागू करने और लंबित दावों के त्वरित निष्पादन की मांग को लेकर बेतला रेंज कार्यालय के समक्ष ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया. 10 दिवसीय पदयात्रा के तीसरे दिन ग्रामीण बेतला पहुंचे, इसका नेतृत्व जिला परिषद सदस्य कन्हाई सिंह और समाजसेवी श्यामली शर्मा ने किया. प्रदर्शन के पश्चात प्रभारी वनपाल संतोष कुमार सिंह को मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा गया. ग्राम सभाओं के अधिकारों में कटौती का आरोप : मौके पर वक्ताओं ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वन अधिकार कानून के निहित प्रावधानों की लगातार अनदेखी की जा रही है. कई ग्राम सभाओं के दावित वन क्षेत्रों और पारंपरिक अधिकारों में जानबूझकर कटौती की गयी है. जिप सदस्य कन्हाई सिंह ने मांग की कि लातेहार जिले के दोनों अनुमंडलों और जिला स्तर पर लंबित सभी वन अधिकार दावों पर अविलंब बैठक बुलायी जाये और दावेदारों को पूर्ण अधिकार के साथ पट्टा प्रदान किया जाये. समानांतर समितियों के गठन पर रोक की मांग : प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग द्वारा वन सुरक्षा समिति या संयुक्त वन प्रबंधन समिति जैसे समानांतर निकायों के गठन को तुरंत बंद करने की मांग की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कैम्पा सहित कोई भी विभागीय योजना ग्रामसभा के प्रस्ताव के बिना लागू नहीं होनी चाहिए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अधिभोग अधीन भूमि से बेदखल करने वाले अधिकारियों पर एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाये. पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर मिले अधिकार : ग्रामसभा ने ओडिशा की तर्ज पर बांस और तेंदूपत्ता के विक्रय एवं परिवहन के लिए ग्रामसभा द्वारा जारी परमिट को मान्यता देने की मांग उठायी. साथ ही छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा गया कि सड़क और रेलवे परियोजनाओं में काटे जाने वाले वृक्षों का पारदर्शी मुआवजा सीधे ग्राम सभाओं को मिलनी चाहिए. इस दौरान काफी संख्या में वन अधिकार समिति के सदस्य और ग्रामीण मौजूद थे.
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