विश्रामपुर के ग्रामीणों ने अपने जोत-कोड़ की जमीन पर वन विभाग के पौधरोपण कार्य को रोका

विश्रामपुर के ग्रामीणों ने अपने जोत-कोड़ की जमीन पर वन विभाग के पौधरोपण कार्य को रोका
बारियातू़ प्रखंड के गोनिया पंचायत अंतर्गत विश्रामपुर गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को अपनी जोत-कोड़ की जानेवाली भूमि पर वन विभाग द्वारा कराये जा रहे पौधरोपण कार्य को रोक दिया है. ज्ञात हो कि यह वही भूमि है जहां सितंबर 2024 में वन विभाग के कर्मियों ने खड़ी मक्का की फसलें रौंद दी थी. काफी हो-हंगामा भी हुआ था. मामला ने काफी तुल पकड़ा था. क्या कहते है ग्रामीण : इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि खाता संख्या- 45, प्लॉट संख्या-दो में रकबा 78.50 एकड़ भूमि पर उनके पूर्वजों द्वारा कई पीढ़ियों से जोत-कोड़ किया जा रहा है. वर्ष 2023 से वन विभाग के कर्मी उनलोगों को लगातार परेशान कर रहे हैं. चार सितंबर 2024 को करीब 20 एकड़ भूमि में मक्का की तैयार फसल को वन विभाग के कर्मियों ने लाठी-डंडे से पीटकर नष्ट कर दिया था, इसमें करीब आठ लाख रुपये का उन्हें नुकसान हुआ था. प्रभात खबर की खबर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी संज्ञान लेकर तत्कालीन उपायुक्त को जांच का निर्देश दिया था. उपायुक्त के निर्देश पर बारियातू के तत्कालीन सीओ नंद कुमार राम ने घटनास्थल की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजी थी. बावजूद वन विभाग के कर्मी हमें लगातार परेशान कर रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि वनरक्षी आनंद चौधरी हेरहंज वनक्षेत्र में कार्यरत हैं. उनके द्वारा विश्रामपुर के ग्रामीणों को केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है. ग्रामीणों ने उपायुक्त से वन विभाग के संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व पूर्व में वन विभाग द्वारा किया गया मक्का फसल नष्ट का मुआवजा दिलवाने की मांग की है. क्या कहते हैं वनरक्षी : इस संबंध में वनरक्षी आंनद चौधरी ने कहा कि उक्त जमीन वन विभाग कि है. जबरन कुछ ग्रामीण इस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. अगर किन्हीं को पौधरोपण कार्य से कोई परेशानी है तो वे उपायुक्त से मिले. यहां कार्य कराने के लिए जिला द्वारा मजिस्ट्रेट नियुक्त है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




