70 हजार की आबादी पीएचसी के दो चिकित्सक के भरोसे
Published by : VIKASH NATH Updated At : 03 Feb 2026 6:51 PM
प्रखंड की करीब 70 हजार की आबादी इन दिनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की सीमित सेवाओं पर निर्भर है.
एनएच-99 के अलावा फुलसू, टोंटी, शिबला, अमरवाडीह और बालूभांग जैसी व्यस्त सड़कों पर लगातार दुर्घटनाएं होती रहती हैं. इन मामलों में घायल मरीजों को तत्काल इलाज की आवश्यकता होती है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण कई बार मरीजों को बिना इलाज वापस जाना पड़ता है. गर्भवती महिलाओं को भी समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती. इससे स्वास्थ्य सेवाएं विशेषकर आपातकालीन सेवाएं चरमराने लगी हैं.
विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं रोक देने के कारण लाभ नहीं मिल रहाडीएमएफटी मद से उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता और डीडीसी सैयद रियाज अहमद की पहल पर 10 नवंबर 2025 को लास्ट माइल केयर प्रा. लि. द्वारा पीएचसी भवन में चिकित्सीय सेवाओं की शुरुआत की गयी थी. उस समय डॉ. जयप्रकाश चौधरी और डॉ. महेश शर्मा के साथ-साथ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. तुलसी प्रसाद, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अल्पना भारतीय और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक राय भी सप्ताह में एक दिन सेवा देते थे. लेकिन हाल के दिनों में इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं रोक दी गयी हैं, जिससे प्रखंडवासियों को उनका लाभ नहीं मिल रहा.
तीनों विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं बहाल की जानी चाहिएइस स्थिति पर विधायक के स्वास्थ्य विभाग प्रतिनिधि देवनंदन प्रसाद ने आपत्ति जतायी है. उनका कहना है कि पीएचसी में तीनों विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं बहाल की जानी चाहिए. साथ ही 24 घंटे एक चिकित्सक, नर्स और ड्रेसर की उपलब्धता जरूरी है ताकि सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन मामलों में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके. विशेषज्ञों को हटाना प्रखंडवासियों के साथ अन्याय है और इस मुद्दे को विधायक प्रकाश राम के संज्ञान में लाया जायेगा.
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