पुराना डोभा को नया बता कर निकाल ली गयी राशि

Updated at : 21 May 2017 8:29 AM (IST)
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पुराना डोभा को नया बता कर निकाल ली गयी राशि

विशुनबांध पंचायत की योजनाओं में कई अनियमितता उजागर मनिका : प्रखंड कार्यालय द्वारा गठित जांच टीम ने गुरुवार को प्रखंड की विशुनबांध पंचायत में कई योजनाओं की जांच की. इसमें यह पाया गया कि मनरेगा के तहत बनने वाले डोभा में लाभुकों के जानकारी के बगैर ही राशि की निकासी हो गयी है. विशुनबांध पंचायत […]

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विशुनबांध पंचायत की योजनाओं में कई अनियमितता उजागर
मनिका : प्रखंड कार्यालय द्वारा गठित जांच टीम ने गुरुवार को प्रखंड की विशुनबांध पंचायत में कई योजनाओं की जांच की. इसमें यह पाया गया कि मनरेगा के तहत बनने वाले डोभा में लाभुकों के जानकारी के बगैर ही राशि की निकासी हो गयी है. विशुनबांध पंचायत के ग्राम रेवत में राम अवतार यादव का डोभा निर्माण होना है, लेकिन बिना उसकी जानकारी के डोभा निर्माण के नाम पर दो हजार रुपये की निकासी हो गयी. इसी प्रकार राजेश भुईयां के डोभा निर्माण के नाम पर 27 हजार और लालबिहारी यादव के डोभा निर्माण के नाम पर 32 हजार की निकासी मुखिया, पंचायत सेवक ,रोजगार सेवक व बिचौलिये की मिलीभगत से कर ली गयी.
हैरत तो यह है कि ग्राम रेवतखुर्द में लाभुक मुरारी यादव ने वर्ष 16–17 में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा डोभा निर्माण कराया. पुन: उसी डोभा को दिखाते हुए मनरेगा के तहत 18 हजार रुपये की निकासी कर ली गयी.
ठीक उसी प्रकार 14 वें वित्त आयोग की राशि से मुरगही तालाब जीर्णोद्धार का कार्य कराया गया. इसमें मामूली काम कराकर एक लाख 92 हजार रुपये की निकासी कर ली गयी है.
वहीं कुचाल गांव निवासी गंगा उरांव के घर के पास तक पहुंच पथ नहीं है और गंगा उरांव के घर के पास कलवर्ट निर्माण योजना संख्या 10/ 15–16 में 35 हजार की निकासी तथा सोमर उरांव के घर के पास कलवर्ट निर्माण योजना संख्या 11/15 –16 में भी 35 हजार की राशि बगैर कलवर्ट बनाये ही निकाल ली गयी.
कुचाल गांव निवासी लाला उरांव के घर से सुरेश राम के घर तक पीसीसी पथ निर्माण योजना संख्या 5/16–17 में बगैर कार्य कराये ही 2 लाख 30 हजार रुपये की निकासी कर ली गयी.
जांच टीम गठन होने के बाद आनन फानन में मुखिया द्वारा जांच के एक दिन पूर्व ही लाला उरांव के घर के पास कुछ दूरी तक पीसीसी पथ ढलाई कर दी. जबकि गांव में सुरेश राम नामक कोई व्यक्ति नहीं है और योजना में उसे अभिकर्ता बनाकर राशि की निकासी की गयी है.
जांच टीम में उप प्रमुख उमेश यादव , स्थायी समिति अध्यक्ष गोविंद पासवान व प्रखंड कर्मी कैलाश प्रसाद शामिल थे. ज्ञात हो कि पंचायत समिति की बैठक में मामला उठने के बाद प्रखंड कार्यालय से प्रमुख की अध्यक्षता में टीम गठित की गयी थी. लेकिन किसी कारण प्रमुख नहीं जा पायी थीं. उप प्रमुख ने ही टीम का नेतृत्व किया.
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