भटका घोड़ा नक्सलियों के घुड़सवार दस्ते का तो नहीं!

बेतला : 24 घंटे बीत जाने के बाद भी बेतला में पकड़े गये घोड़े का कोई दावेदार सामने नहीं आया है. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि कहीं यह घोड़ा माओवादियों के घुड़सवार दस्ता से भटक कर तो नहीं आया है. क्योंकि हाल के दिनों में दो-तीन नक्सली वारदात के बाद यह बात […]
बेतला : 24 घंटे बीत जाने के बाद भी बेतला में पकड़े गये घोड़े का कोई दावेदार सामने नहीं आया है. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि कहीं यह घोड़ा माओवादियों के घुड़सवार दस्ता से भटक कर तो नहीं आया है.
क्योंकि हाल के दिनों में दो-तीन नक्सली वारदात के बाद यह बात सामने आयी थी कि कार्रवाई को अंजाम देने आये नक्सली घोड़े पर सवार थे. चर्चा है कि हाल में कुमंडी में माओवादियों ने जिस घटना को अंजाम दिया, उसमें भी घुड़सवार दस्ता शामिल था. कटिया जंगल में पुलिस व माओवादियों के बीच मुठभेड़ के बाद भी यह बात चर्चा में आयी थी कि माओवादी अब घोड़े पर भी सवारी कर रहे हैं. इसके पहले पलामू के मनातू जंगल में भी माओवादियों के घुड़सवार दस्ते के प्रवेश करने की चर्चा थी.
इन चर्चा से पुलिस भी इत्तफाक रखती है. बेतला में मिले घोड़े के संदर्भ में लातेहार एसपी डॉ माइकल राज एस ने कहा कि संभवत: हो भी सकता है कि घोड़ा नक्सलियों का हो. क्योंकि उन्हें जो सूचना मिली है, उसके मुताबिक घोड़ा अच्छे नस्ल का है. अब तक कोई दावेदार सामने नहीं आया है. इसलिए पुलिस इसे नक्सल से जोड़ते हुए जांच कर रही है. फिलहाल घोड़े को बेतला पुलिस पिकेट के सामने रखा गया है.
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