कभी माओवादियों का गढ़ था सरयू गांव, सरकार ने 25 गांवों को मिला कर सरयू को प्रखंड बनाने का लिया फैसला

Updated at : 09 Feb 2018 4:59 AM (IST)
विज्ञापन
कभी माओवादियों का गढ़ था सरयू गांव, सरकार ने 25 गांवों को मिला कर सरयू को प्रखंड बनाने का लिया फैसला

सरकार का बड़ा फैसला पर्यटन की दृष्टिकोण से भी सरयू का अलग महत्व सुनील कुमार लातेहार : जिले के गारू प्रखंड स्थित सरयू गांव व्यापारिक दृष्टिकोण से अलग महत्व है. जिला मुख्यालय से सरयू तक जानेवाली मार्ग पर पड़ने वाली दो नदियों पर सरकार ने पुल बना कर आवागमन शुरू कर दिया है. अब यह […]

विज्ञापन
सरकार का बड़ा फैसला
पर्यटन की दृष्टिकोण से भी सरयू का अलग महत्व
सुनील कुमार
लातेहार : जिले के गारू प्रखंड स्थित सरयू गांव व्यापारिक दृष्टिकोण से अलग महत्व है. जिला मुख्यालय से सरयू तक जानेवाली मार्ग पर पड़ने वाली दो नदियों पर सरकार ने पुल बना कर आवागमन शुरू कर दिया है. अब यह मार्ग पर्यटन मार्गों के रूप में विकसित हो रहा है. फोरलेन बनाने का काम भी प्रगति पर है. उग्रवादियों के लिए सरयू जाफना के जैसा शरणस्थली रहा. सरकार ने 25 गांवों को मिला कर सरयू को प्रखंड बनाने का फैसला लिया है. चौराहा, गणेशपुर व घासी टोला पंचायतों को मिला कर सरयू को प्रखंड बनाने का प्रस्ताव ऐतिहासिक कदम है.
सरयू एक्शन प्लान के तहत सरकार ने पिछले एक दशक से वहां विकास कार्य संभावित संचालित किया है. प्रखंड बनने के बाद सरयू व उसके आसपास के गांवों का विकास होगा. नेतरहाट तक जानेवाले इस मार्ग का ऐतिहासिक महत्व है. इस सड़क के चालू होने से नेतरहाट की दूरी आधी से भी कम हो जायेगी. नेतरहाट जानेवाले सैलानियों को सरयू होकर जाना सुखद होगा. सरकार के इस फैसले से सरयू व आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola