जन वितरण प्रणाली का ट्रैक्टर गेहूं लेकर पहुंचा जेल
Updated at : 07 Jun 2017 9:00 AM (IST)
विज्ञापन

सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने ट्रैक्टर एवं उस पर लदे गेहूं जब्त किया ठेकेदार एवं जेलर को जारी किया स्पष्टीकरण ट्रैक्टर पर लदे थे 50-50 किलोग्राम के गेहूं के बोरे, जबकि सप्लाई 30-30 किलोग्राम के पैकेट में करना है सुनील कुमार लातेहार : जन वितरण प्रणाली के ट्रैक्टर से मंडल कारा में गेहूं पहुंचाये जाने का […]
विज्ञापन
सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने ट्रैक्टर एवं उस पर लदे गेहूं जब्त किया
ठेकेदार एवं जेलर को जारी किया स्पष्टीकरण
ट्रैक्टर पर लदे थे 50-50 किलोग्राम के गेहूं के बोरे, जबकि सप्लाई 30-30 किलोग्राम के पैकेट में करना है
सुनील कुमार
लातेहार : जन वितरण प्रणाली के ट्रैक्टर से मंडल कारा में गेहूं पहुंचाये जाने का मामला प्रकाश में आया है. जन विरतण प्रणाली का लोगो एवं बोर्ड लगे ट्रैक्टर पर गेंहू लेकर जेल परिसर में प्रवेश करते ही सदर अनुमंडल पदाधिकारी वरुण रंजन ने ट्रैक्टर को रोका. उन्होंने जन वितरण प्रणाली के ट्रैक्टर से गेहूं की सप्लाई होने पर सवाल किया और गेंहू के पैकेट को अगले आदेश तक सुरक्षित रखने का निर्देश जेल प्रशासन को दिया.
गेंहू को ट्रेक्टर में लाद कर तिरपाल से ढक कर जेल में ले जाया जा रहा था. तिरपाल से ढके जाने पर किसी ने संदेह व्यक्त करने हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री रंजन को सूचित किया था.
बताया जाता है कि ठेकेदार द्वारा साप्ताहिक हाट बंद के बावजूद भारी संख्या में मजदूरों को अनलोड करने के लिए तैनात किया गया था. सूत्रों की मानें तो एक संगठित गिरोह द्वारा जेल में सप्लाई का टेंडर मैनेज किया जाता है और मनमाने ढंग से गुणवत्ता विहीन सामग्री की आपूर्ति की जाती है.
क्या है सप्लाई की शर्तें
जेल में सामग्रियों के क्रय के लिए आमंत्रित निविदा में एफएसएसएआइ द्वारा अनुमोदित खाद्य सामग्रियों की आपूर्ति करनी है. इसमें गोल्डेन गेहूं 30-30 किलोग्राम के पैकटों में आपूर्ति करनी है. जबकि बिना एफएसएसएआइ प्रमाण पत्र के 50-50 किलोग्राम के पैकेट में गेहूं की आपूर्ति की जा रही थी. ऐसा प्रतीत होता है कि सीधे एफसीआइ गोदाम से ही ट्रैक्टर में गेहूं लाद कर मंडल कारा पहुंचाया जा रहा था.
क्या कहते हैं अधिकारी
सदर अनुमंडल पदाधिकारी वरुण रंजन का कहना है कि जन वितरण प्रणाली का राशन ढोने वाले ट्रैक्टर से गेंहू की आपूर्ति करना ही गलत है. राशन का कालाबाजारी करने वाले रैकटों के संचालकों की करतूत हो सकती है. इसके लिए जेल प्रशासन भी कम जिम्मेवार नहीं है. श्री रंजन ने बताया कि जेल की सामग्री आपूर्ति करने वाला ठेकेदार एवं जेलर को इस आशय का स्पष्टीकरण जारी किया गया है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी को इस मामले में जांच करने का निर्देश जारी किया गया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




