ePaper

धान की फसल में तीन बार डाला जाता है यूरिया : रूपेश

Updated at : 03 Sep 2025 4:57 PM (IST)
विज्ञापन
धान की फसल में तीन बार डाला जाता है यूरिया : रूपेश

धान की फसल हर तरफ खेतों में लहलहा रही है.

विज्ञापन

3कोडपी7धान की फसल. 3कोडपी8 रूपेश रंजन. प्रतिनिधि जयनगर. धान की फसल हर तरफ खेतों में लहलहा रही है. जून अंतिम से जुलाई माह में बेहतर मानूसन को देखते हुए बेहतर रोपनी हुई है. अब पौधों में बाली आने का समय है, ऐसे में किसानों को कब व कितना यूरिया का छिड़काव करना चाहिए और इससे क्या लाभ होगा. इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र जयनगर कोडरमा के एग्रोफोरेस्टी ऑफिसर रूपेश रंजन ने बताया कि धान की फसल में यूरिया मुख्यत: तीन बार डाला जाता है. उन्होंने बताया कि पहली बार रोपाई के 21 दिन बाद जब पौधों में बालियां आने वाली है, दूसरी ओर 40-45 दिन बाद जब बाली में दाना बनने और भरने की प्रक्रिया शुरू होती है तथा 90-100 दिन बाद यूरिया डालना चाहिए. उन्होंने बताया कि यूरिया को सिंचाई के बाद डालना सबसे अच्छा होता है ताकि नाइट्रोन पौधों से आसनी से पहुंच सके और उपज बढ़ सके. इससे उपज बढ़ने में मदद मिलती है. श्री रंजन ने यूरिया डालने का तरीका बताते हुए कहा कि असमय यूरिया डालने से मिट्टी व फसल दोनों पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए सही समय पर सही मात्रा में यूरिया डालें. उन्होंने बताया कि यूरिया का उपयोग सिंचाई के बाद करने से यह पानी के संपर्क में आने के बाद पौधों द्वारा प्रभावी ढंग से अवशोषित होता है और आसानी के साथ मिट्टी में घुल जाता है, और पौधोंं की जड़ तक पहुंच जाता है. जबकि बगैर सिंचाई से यूरिया डालने से यह भाप बनकर उड़ जाता है. इससे नाइट्रोन की मात्रा कम जाती है और फसल को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
VIKASH NATH

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola