यूडीआईडी कार्ड दिव्यांगजनों के लिये भविष्य की चाबी: डीएम
Updated at : 23 Jul 2025 8:32 PM (IST)
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अब कोई दिव्यांग पहचान से वंचित न रहे, डिजिटल क्रांति के साथ सामाजिक समावेशन की पहल
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-दिव्यांगजनों को उनके अधिकार दिलाना केवल सरकार नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी है— जिलाधिकारी विशाल राज
-अब कोई दिव्यांग पहचान से वंचित न रहे, डिजिटल क्रांति के साथ सामाजिक समावेशन की पहलकिशनगज
दिव्यांगजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे यूडीआईडी मिशन को तेजी दी जा रही है. किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड में आयोजित विशेष शिविर इसी पहल का हिस्सा रहा, जहां न केवल जांच और प्रमाणपत्र वितरण हुआ, बल्कि उनके अधिकारों को लेकर सामाजिक जागरूकता भी पैदा की गईजिलाधिकारी की अपील: दिव्यांगजनों को पहचान और सम्मान दिलाने में समाज दें साथ
जिलाधिकारी विशाल राज ने शिविर के माध्यम से समाज के सभी वर्गों से दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील होने की अपील की. उन्होंने कहा कि हर दिव्यांगजन समाज का हिस्सा है और उनका अधिकार है कि उन्हें उचित पहचान मिले. यूडीआईडी कार्ड सिर्फ कागज नहीं, उनके आत्मसम्मान और भविष्य की चाबी है.
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि पोठिया शिविर में कुल 93 दिव्यांगजनों की जांच की गई, जिनमें से 26 दिव्यांग जनों को ईएनटी के लिए रेफर किया गया वही 67 दिव्यांग को प्रमाण पत्र जिसमें 06 फाइलेरिया रोगियों को दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किया गया.यूडीआईडी कार्ड से जुड़ेगा हर दिव्यांग: डिजिटल पहचान होगी अनिवार्य
डॉ. चौधरी ने आगे कहा कि अब जिले में 100% यूडीआईडी कार्ड बनवाना लक्ष्य है. उन्होंने बताया कि ऑफलाइन प्रमाणपत्र अब राज्य में मान्य नहीं रहेंगे. इसलिए हर दिव्यांगजन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना अनिवार्य है. यूडीआईडी कार्ड उन्हें न केवल पहचान देगा, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ भी दिलाएगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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