Koderma News: ग्रिजली कॉलेज में पुस्तकालय दिवस पर खास आयोजन, नाटक और क्विज से बताया किताबों का महत्व

Updated:
विज्ञापन

मौके पर सभी सहायक प्राध्यापक एवं प्रशिक्षुगण. | Prabhat Khabar Network

ग्रिजली कॉलेज ऑफ एजुकेशन में डॉ. एस. आर. रंगनाथन की जयंती पर पुस्तकालय दिवस मनाया गया। प्राचार्य ने पुस्तकालय को शैक्षणिक संस्थान की मुख्य धरोहर बताया।

विज्ञापन

कोडरमा: ग्रिजली कॉलेज ऑफ एजुकेशन में महान गणितज्ञ और भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन की जयंती के अवसर पर पुस्तकालय दिवस मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, मां सरस्वती की प्रतिमा और डॉ. एस. आर. रंगनाथन के छाया चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया. कार्यक्रम में प्रशिक्षु शोभा विश्वकर्मा ने समाजसेविका शुभा कपसीमे को पौधा भेंट कर स्वागत किया. तत्पश्चात् प्रशिक्षु अनिशा कुमारी एवं समूह द्वारा मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत एवं प्रशिक्षु लवजीत कुमार विश्वकर्मा ने स्वागत भाषण के माध्यम से उपस्थित सभी प्राध्यापकों एवं प्रशिक्षुओं का अभिनंदन किया.

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पुस्तकालय दिवस की थीम एवं पुस्तक-पठन के महत्व पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां रहीं. जिसमें प्रशिक्षु कुंदन कुमार, सागर कुमार दास, सोनिया कुमारी, श्रेया सिन्हा, समीना परवीन, विश्वजीत राज, आयुष कुमार, दिव्या कुमारी, अनिशा कुमारी, बबीता कुमारी एवं मनोरंजन पाण्डेय ने पुस्तकों, पुस्तकालय तथा ज्ञानार्जन के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया. कार्यक्रम में पुस्तकालय दिवस पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को उपहार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया. वहीं जुलाई माह के लिए राधाकृष्णन हाउस को सर्वोत्तम हाउस का पुरस्कार तथा महाविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव इंदरवाटांड़ की बालिकाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उपहार प्रदान कर किया गया. जुलाई माह में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले प्रशिक्षुओं सूरज कुमार, अनिशा कुमारी, बबीता कुमारी, साक्षी कुमारी एवं आयुष कुमार को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया.

मौके पर समाजसेविका शुभा कपसीमे ने प्रशिक्षुओं को पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ-साथ जीवनियों, सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक विषयों से संबंधित पुस्तकों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहित कुमार तिवारी ने कहा कि पुस्तकालय किसी भी शैक्षणिक संस्थान की बौद्धिक विकास का मुख्य धरोहर होता है. शिक्षक-प्रशिक्षण के क्षेत्र में पुस्तकालय की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि आज के प्रशिक्षु भविष्य के शिक्षक हैं.

मौके पर बी.एड. सत्र 2025-27 के सभी प्रशिक्षुओं के साथ महाविद्यालय के डी.एल.एड. विभागाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह, शैक्षणिक समन्वयक सौरभ शर्मा, आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक मनीष कुमार सिन्हा, डी.एल.एड. समन्वयक खुशबू कुमारी सिन्हा, सहायक प्राध्यापक डॉ. इंद्र कुमार जायसवाल, संजीत कुमार, अनिल दास, सीताराम यादव, चुन्नु कुमार सहित सभी शिक्षकेतर कर्मचारी आदि मौजूद थे. संचालन प्रशिक्षु अंकित चंद्रा, ज्योति यादव ने संयुक्त रूप किया. धन्यवाद ज्ञापन पुस्तकालयाध्यक्ष सुधीर साव ने किया.


विज्ञापन
Rajesh

लेखक के बारे में

By Rajesh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola