महान दार्शनिक कार्ल मार्क्स की 208वीं जयंती मनायी

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महान दार्शनिक कार्ल मार्क्स की 208वीं जयंती मनायी

शोषण मुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण ही मार्क्सवाद का मूल सिद्धांत : सीटू

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शोषण मुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण ही मार्क्सवाद का मूल सिद्धांत : सीटू कोडरमा. क्रांतिकारी विचारक, अर्थशास्त्री और महान दार्शनिक कार्ल मार्क्स की 208वीं जयंती पर सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कार्ल मार्क्स को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में मजदूरों का राज कायम हो, मनुष्य द्वारा मनुष्य का शोषण न हो और एक शोषण मुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण हो, यही मार्क्सवाद का मूल सिद्धांत है. उन्होंने कहा कि दुनिया के तमाम दार्शनिकों ने समाज की व्याख्या की, लेकिन सवाल उसे बदलने का है, जिसका रास्ता काल मार्क्स ने दिखाया. काल मार्क्स ने कहा था कि मजदूरों के पास खोने के लिए केवल गुलामी की जंजीरें हैं, लेकिन पाने के लिए सारी दुनिया है. धर्म के संबंध में मार्क्स का कहना था कि धर्म दबे कुचले लोगों के लिए काल्पनिक राहत है और जनता के लिए अफीम है. मार्क्स का यह कथन आज की परिस्थिति में सौ प्रतिशत सही है. उन्होंने कहा कि आज भी भारत में पूंजीवादी व्यवस्था कायम है. जहां सत्ता में बैठे लोग अपने को राजा और जनता को नौकर समझते हैं. कल्याणकारी योजनाओं को समाप्त किया जा रहा है, रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं. मजदूर कर्मचारियों का शोषण बढ़ रहा है. हमें मार्क्सवाद के रास्ते पर चलते हुए समाजवादी व्यवस्था कायम करने व जनता की जनवादी क्रांति के लिए हर स्तर पर संगठन बनाना होगा और वैचारिक संघर्ष चलाना होगा. उन्होंने मार्क्स जयंती पर मजदूर वर्ग से अपील की कि मोदी सरकार की तानाशाही और सत्यानाशी आर्थिक नीतियों के खिलाफ 20 मई को ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल की सफलता के लिए एकजुट हों.

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