क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट कानून में संशोधन का आग्रह

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क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट कानून में संशोधन का आग्रह

आइएमए ने स्वास्थ्य मंत्री से मिल कर रखी मांगें

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: आइएमए ने स्वास्थ्य मंत्री से मिल कर रखी मांगें झुमरीतिलैया. कोडरमा के चिकित्सकों ने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से शिव वाटिका में भेंट कर ज्ञापन सौंपा. इस दौरान क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट से 50 बेड तक के अस्पतालों को मुक्त रखने तथा राज्य में चिकित्सा सुरक्षा कानून (मेडिकल प्रोटेक्शन अधिनियम) को शीघ्र लागू करने की मांग की गयी. प्रतिनिधिमंडल में डॉ सुजीत कुमार राज, डॉ विकास चंद्रा, डॉ नरेश पंडित, डॉ सुनील मोदी, डॉ राजीवकांत पांडेय, डॉ सोमेश सहित कई चिकित्सक शामिल थे. ज्ञापन में कहा गया है कि देश के अधिकतर राज्यों में 40 से 50 बेड वाले छोटे अस्पतालों को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट से मुक्त रखा गया है, ताकि वे वित्तीय बोझ के बिना जनता को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवा प्रदान कर सकें. बिहार सरकार ने भी हाल ही में इस दिशा में संशोधन कर इसे लागू किया है. चिकित्सकों ने कहा कि सरकारी एजेंसियों द्वारा छोटे अस्पतालों पर अत्यधिक दबाव डालने के कारण वे बंदी के कगार पर पहुंच रहे हैं, यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर रहा है, बल्कि डॉक्टरों के पलायन को भी बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने कहा कि पूर्व में झारखंड के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव द्वारा भी 50 बेड तक के अस्पतालों को इस कानून से मुक्त रखने की सहमति दी गयी थी. चिकित्सकों ने स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि वे जल्द निर्णय लेकर इस संशोधन को लागू करायें, साथ ही चिकित्सा सुरक्षा अधिनियम जो पूर्ववर्ती सरकार द्वारा मंत्रिमंडल में पारित कर विधानसभा पटल पर रखा गया था, उसे शीघ्र क्रियान्वित करने का अनुरोध भी किया.

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