सतगावां में प्रशासनिक संकट, एक ही प्रभारी के जिम्मे बीडीओ, सीओ और सीडीपीओ

Updated:
विज्ञापन
सतगावां प्रखंड सह अंचल कार्यालय. | Prabhat Khabar Network

सतगावां प्रखंड सह अंचल कार्यालय| Prabhat Khabar Network

सतगावां प्रखंड में अधिकारियों की कमी से विकास कार्य प्रभावित हैं. एक ही अधिकारी के पास बीडीओ, सीओ और सीडीपीओ का प्रभार होने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है.

विज्ञापन

सतगावां (कोडरमा): जिले का सुदूरवर्ती सतगावां प्रखंड एक बार फिर अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है. अंचल अधिकारी केशव प्रसाद चौधरी के 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद प्रखंड के तीन महत्वपूर्ण विभागों अंचल कार्यालय, प्रखंड कार्यालय (बीडीओ) और बाल विकास परियोजना कार्यालय (सीडीपीओ) की जिम्मेदारी अब एक ही प्रभारी अधिकारी मनोज कुमार रवि के कंधों पर आ गयी है. इससे प्रशासनिक कार्यों के प्रभावित होने की आशंका जतायी जा रही है.

गौरतलब है कि सतगावां अंचल कार्यालय इससे पहले भी करीब आठ वर्षों तक प्रभार व्यवस्था के सहारे संचालित होता रहा है. वर्ष 2024 में केशव प्रसाद चौधरी के रूप में प्रखंड को स्थायी अंचल अधिकारी मिला था, लेकिन उनके सेवानिवृत्त होते ही स्थिति फिर पहले जैसी हो गयी है. जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार रवि को 20 जून 2026 से बीडीओ एवं सीडीपीओ का प्रभार मिला था. अब अंचल अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पास सीओ का अतिरिक्त प्रभार भी आ गया है. ऐसे में तीनों विभागों का संचालन एक ही अधिकारी के जिम्मे है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सतगावां में स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने से विकास योजनाओं की गति प्रभावित हो रही है. राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, मनरेगा, आंगनबाड़ी और अन्य योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि 14 पंचायतों वाले इस प्रखंड में भी स्वतंत्र अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की जा रही है, जबकि ऐसे प्रखंडों में नियमित प्रशासनिक व्यवस्था होनी चाहिए. लोगों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से तीनों विभागों में शीघ्र स्थायी अधिकारियों की पदस्थापना की मांग की है.

ग्रामीणों ने की स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति की मांग

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि सतगावां प्रखंड को पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध करायी जानी चाहिए, ताकि विकास योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी आ सके. ग्रामीणों की मांग है कि लंबे समय से चली आ रही प्रभार व्यवस्था को समाप्त कर नियमित प्रशासनिक ढांचा बहाल किया जाए.

वर्षों से प्रभार व्यवस्था का इतिहास

29 अगस्त 2018 से 25 अक्तूबर 2023 तक बैद्यनाथ उरांव ने बीडीओ, सीओ और सीडीपीओ तीनों विभागों की जिम्मेदारी संभाली.

30 अक्टूबर 2023 से 30 अक्तूबर 2024 तक ओम प्रकाश बड़ाईक तीनों विभागों के प्रभारी रहे.

1 फरवरी 2024 से 7 अक्तूबर 2024 तक सौरभ कुमार स्वतंत्र बीडीओ के रूप में कार्यरत रहे.

8 अक्टूबर 2024 से 11 जुलाई 2025 तक ओम प्रकाश बड़ाईक के पास बीडीओ एवं सीडीपीओ का प्रभार रहा.

11 जुलाई 2025 से 11 अगस्त 2025 तक भोला पांडेय ने एक माह तक बीडीओ एवं सीडीपीओ का प्रभार संभाला.

11 अगस्त 2025 से 19 जून 2026 तक ओम प्रकाश बड़ाईक पुनः दोनों विभागों के प्रभारी रहे.

20 जून 2026 से मनोज कुमार रवि बीडीओ एवं सीडीपीओ के प्रभारी बने.

31 जुलाई 2026 से सीओ के सेवानिवृत्त होने के बाद मनोज कुमार रवि के पास तीनों विभागों का प्रभार आ गया है.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola