भुगतान के बदले पैसे मांग रहे स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी

Updated at : 24 Dec 2016 8:26 AM (IST)
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भुगतान के बदले पैसे मांग रहे स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी

चल चिकित्सा वाहन का संचालन करनेवाले ने साक्ष्य के साथ की शिकायत डीपीएम व अन्य पर महीनों से भुगतान लटकाने समेत अन्य गंभीर आरोप एनआरएचएम के अभियान निदेशक ने सीएस से मांगा स्पष्ट मंतव्य कोडरमा बाजार : जिले में स्वास्थ्य सुविधा राम भरोसे संचालित होने के मामले तो अक्सर सामने आते रहे हैं, पर अब […]

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चल चिकित्सा वाहन का संचालन करनेवाले ने साक्ष्य के साथ की शिकायत
डीपीएम व अन्य पर महीनों से भुगतान लटकाने समेत अन्य गंभीर आरोप
एनआरएचएम के अभियान निदेशक ने सीएस से मांगा स्पष्ट मंतव्य
कोडरमा बाजार : जिले में स्वास्थ्य सुविधा राम भरोसे संचालित होने के मामले तो अक्सर सामने आते रहे हैं, पर अब इस विभाग में हावी कमीशनखोरी व भ्रष्टाचार के मामले भी सामने आ रहे हैं. इस बार सीधा आरोप विभिन्न योजनाओं को संचालित करने की जिम्मेवारी संभालने वाले स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों पर लगा है. यहीं नहीं आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने शिकायत पत्र के साथ ही साक्ष्य भी प्रस्तुत किया हैं.
पूरा मामला चल चिकित्सा वाहन संचालक को भुगतान करने से जुड़ा है. शिकायत प्राप्त होने के बाद झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति रांची के अभियान निदेशक डाॅ अमिताभ कौशल ने कोडरमा के सिविल सर्जन डाॅ बीपी चौरसिया को स्पष्ट मंतव्य देने को कहा है. अभियान निदेशक ने बकायदा एक पत्र जारी कर मामले को लेकर वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए उपायुक्त से भी मंतव्य लेकर अपने स्तर से भुगतान के संबंध में स्पष्ट मंतव्य देने को कहा है.
जानकारी के अनुसार खादी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान रांची द्वारा जिले में डोमचांच व सतगावां प्रखंड में चल चिकित्सा वाहन का संचालन किया जा रहा है. संस्था पिछले पांच वर्षों से जिले में चिकित्सा वाहन का संचालन कर रहा है.
संस्था के सचिव आरके सिंह ने उपायुक्त के साथ ही एनआरएचएम के निदेशक को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि डीपीएम समरेश सिंह, सतगावां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, कोडरमा के चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा वाहन संचालन के भुगतान के एवज में पैसे की मांग कर रहे हैं. पैसा नहीं दिये जाने के कारण करीब आठ माह से भुगतान नहीं किया जा रहा है. सचिव का आरोप है कि शुरुआत से ही उन्होंने पैसे देने से इनकार किया है. ऐसे में पदाधिकारियों द्वारा रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं किया जाता और न ही कार्य संतोषजनक लिख कर दिया जा रहा है.
सचिव ने बताया है कि 23 मई 2016 को डीपीएम द्वारा डीसी से शिकायत की गयी कि चल चिकित्सा वाहन ठीक से काम नहीं करता. उपायुक्त ने जिला परियोजना पदाधिकारी व सीनियर डॉ एसके झा के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच करायी. टीम ने जांच के बाद चल चिकित्सा वाहन के कार्य के प्रति संतोष व्यक्त किया. इसके बाद भी पैसे का भुगतान नहीं किया जा रहा है. संस्था सचिव ने पूरे मामले में कर्मियों के माध्यम से पैसे मंगवाये जाने का साक्ष्य (मोबाइल की रिकाॅर्डिंग) मौजूद होने की बात कही है. इसके अलावा सतगावां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ सीडी बनाकर प्रमाण सौंपा गया है.
स्पष्टीकरण मांग परेशान करने का आरोप
संस्था के सचिव का आरोप है कि 17-9-2016 को प्रधान सचिव द्वारा बुलायी गयी बैठक में डीपीएम ने दशहरा से पूर्व भुगतान करने की बात कही गयी, लेकिन भुगतान नहीं किया गया. इस बीच दो अन्य गाड़ियों का भुगतान कर दिया गया और मेरे से पैसे की मांग होती रही.
नहीं देने पर उल्टा मुझे परेशान करने के लिए डीपीएम व कोडरमा के चिकित्सा पदाधिकारी ने कैंप कर जांच की. जांच में सबकुछ ठीक मिला. पैसा देने से इनकार करने पर ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से स्पष्टीकरण मांगा गया. इसका जवाब भी दिया गया, पर भुगतान नहीं हुआ.
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