थाना प्रभारी वकार हुसैन और मुखिया पर दर्ज हो प्राथमिकी

Updated at : 23 Sep 2016 7:50 AM (IST)
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थाना प्रभारी वकार हुसैन और मुखिया पर दर्ज हो प्राथमिकी

पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा : शुरू से थाना प्रभारी ने किया पुलिस प्रशासन को गुमराह, एक गुट के पक्ष में किया काम रिम्स की रिपोर्ट के बाद सदर अस्पताल के डाॅक्टर की भूमिका भी संदिग्ध, जांच की मांग कोडरमा बाजार : चंदवारा के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के आचार्य व आरएसएस कार्यकर्ता कवि […]

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पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा : शुरू से थाना प्रभारी ने किया पुलिस प्रशासन को गुमराह, एक गुट के पक्ष में किया काम
रिम्स की रिपोर्ट के बाद सदर अस्पताल के डाॅक्टर की भूमिका भी संदिग्ध, जांच की मांग
कोडरमा बाजार : चंदवारा के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के आचार्य व आरएसएस कार्यकर्ता कवि कुमार गुप्ता उर्फ सोनू कुमार की मौत के मामले में रिम्स द्वारा आये पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जिले की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गयी है.
बरही के पूर्व विधायक सह भाजपा नेता उमाशंकर अकेला ने गुरुवार को झुमरीतिलैया स्थित शिव वाटिका में प्रेस वार्ता कर पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया. अकेला ने कहा कि शुरुआत से इस मामले को चंदवारा के थाना प्रभारी वकार हुसैन ने हल्के में लेकर उलझाने का काम किया. हत्या के मामले को दूसरा रूप देने का प्रयास की साजिश थाना प्रभारी वकार हुसैन ने ही रची. उन्होंने ही पुलिस प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों को गुमराह किया. ऐसे में इस मामले में अब वकार हुसैन पर भी प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हत्या के मामले में शुरू से ही स्थानीय मुखिया मो नसीम पर भी प्राथमिकी की मांग की जा रही है, पर पुलिस ने उसे अभियुक्त नहीं बनाया. मुखिया के खिलाफ भी प्राथमिकी होनी चाहिए.
अकेला ने कहा कि कवि की मौत के बाद पुलिस ने कई स्तर से मामले को दबाने का प्रयास किया. पहले शव को पंचनामा किया जाता है और इस रिपोर्ट के आधार पर शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेजा जाता है, लेकिन पुलिस ने इस मामले में बिना पंचनामा रिपोर्ट के शव का अंत्यपरीक्षण सदर अस्पताल में कराया. यहां अंत्यपरीक्षण करनेवाले डाॅक्टर ने पानी में डूबने से मौत का कारण बताया, जबकि मांग पर दोबारा जब रिम्स रांची में अंत्यपरीक्षण कराया गया, तो शव में कई जगह मरने से पहले चोट के निशान मिले. आशंका है की थाना प्रभारी की मिलीभगत व दबाव के कारण इस तरह का रिपोर्ट बनायी गयी. ऐसे में उक्त डाॅक्टर की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. अकेला ने कहा कि कवि की मौत के बाद हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी, तो पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी करने की जगह बचाव का प्रयास किया. ऐसे में लोग उग्र हुए और सड़क पर उतर कर आंदोलन किया.
एक आरोपी को पकड़ कर लोगों ने थाना को सौंपा, पर थाना प्रभारी ने उसे छोड़ दिया. पुलिस ने पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया तो लोगों ने रोष जाहिर किया. बाद में थाना प्रभारी ने ही प्रदर्शन करनेवाले लोगों पर झूठा व मनगंढत मुकदमा दर्ज करवा दिया और प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अज्जू सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में थाना प्रभारी वकार हुसैन के विरुद्व प्राथमिकी के साथ ही डीजीपी से बर्खास्तगी की मांग करती है.
मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश सिंह, सांसद प्रतिनिधि रामचंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष विरेंद्र सिंह, रवि मोदी, सुरेश यादव, विजय साव, राजकुमार यादव, राज किशोर प्रसाद, मानिक चंद सेठ, चंदन वर्णवाल, विवेक साव, बासुदेव शर्मा, मीना साव समेत अन्य मौजूद थे.
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