..और पुलिस ने बरसायी थी गोलियां

Published at :22 Jan 2014 12:47 AM (IST)
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..और पुलिस ने बरसायी थी गोलियां

– मुन्ना सिंह – मरकच्चो : गोलियों की तड़तड़हाट की याद दिला जाती है 22 जनवरी. मरकच्चो थाना के ठीक सामने स्थित शहीद मैदान में बने शहीद वेदी पर बुधवार को श्रद्धांजलि देने हजारों माले कार्यकर्ता जुटेंगे, पर पुलिस से जो दर्द मृतक के परिजनों को मिला है उसे वे आज तक नहीं भूला पाये […]

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– मुन्ना सिंह –

मरकच्चो : गोलियों की तड़तड़हाट की याद दिला जाती है 22 जनवरी. मरकच्चो थाना के ठीक सामने स्थित शहीद मैदान में बने शहीद वेदी पर बुधवार को श्रद्धांजलि देने हजारों माले कार्यकर्ता जुटेंगे, पर पुलिस से जो दर्द मृतक के परिजनों को मिला है उसे वे आज तक नहीं भूला पाये हैं.

22 जनवरी 2003 को हजारों माले समर्थक क्षेत्र में बढ़ रहे अपराध, सड़क लूट व भ्रष्टाचार के विरोध में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत थाना का घेराव कर रहे थे. नेतृत्व माले नेता राजकुमार यादव, रामधन यादव व एम चंद्रा कर रहे थे.

प्रदर्शन हो रहा था कि इसी बीच मरकच्चो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दी. इस गोलीकांड में माले नेता महेश सिंह, अशोक यादव व रतन वर्णवाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि दर्जनों माले कार्यकर्ता पुलिस की गोलियों से जख्मी होकर महीनों अस्पताल में भरती रहे.

एक माह के अंदर फिर जुटे थे लाखों कार्यकर्ता : इस गोलीकांड के बाद भाकपा माले के बगोदर के तत्कालीन विधायक महेंद्र सिंह ने प्रदर्शन का ऐसा बिगुल फूंका की लाखों कार्यकर्ता एक माह के अंदर दोबारा उसी जगह पर जुटे व विरोध जताया.

महेंद्र सिंह ने इसी दिन शहीद हुए कार्यकर्ताओं के परिजनों को मुआवजा दिलाने का संकल्प भी लिया था. पार्टी के लगातार आंदोलन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को झुकना पड़ा था एवं मरकच्चो गोलीकांड के आश्रितों को सरकार की ओर से दो-दो लाख रुपये की राशि दी गयी.

महीनों रहे जेल में फिर हुए रिहा : गोलीकांड की घटना के बाद पुलिस ने माले कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज कर दिया. इस मामले में कई कार्यकर्ता महीनों जेल में बंद रहे. बाद में जीत माले कार्यकर्ताओं की हुई और वे अदालत की ओर से रिहा किये गये.

घटना को लेकर माले द्वारा भी अदालत में तत्कालीन थाना प्रभारी पवन उरांव समेत कई पुलिस पदाधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था. न्यायालय द्वारा पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध वारंट भी निर्गत हुआ था, मगर इसी बीच तत्कालीन थाना प्रभारी पवन उरांव की मृत्यु हो जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

तब से लेकर आज तक हजारों माले कार्यकर्ता शहीद मैदान में जुटते हैं व शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं.

आज सपनों को पूरा करने का लेंगे संकल्प : 22 जनवरी बुधवार को शहीद मैदान में एक बार फिर हजारों माले कार्यकर्ता जुटेंगे और शहीदों के सपनों को पूरा करने का संकल्प लेंगे. शहादत दिवस पर होने वाले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बगोदर के विधायक विनोद सिंह उपस्थित रहेंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में लोकसभा प्रभारी राजकुमार यादव भाग लेंगे.

इसके अलावा अन्य अतिथियों में गिरिडीह जिला सचिव अनंत प्रसाद गुप्ता, इनौस के राज्य अध्यक्ष मनोज भक्त, रामेश्वर चौधरी, सविता सिंह, राजधनवार की जिप सदस्य जयंती चौधरी, बिरनी प्रमुख सीता राम सिंह सहित कई नेता मौजूद रहेंगे.

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