10% तक बढ़ा दिये अभ्यर्थियों के अंक
Updated at : 06 Mar 2016 1:11 AM (IST)
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अनियमितता. कोडरमा में सामने आयी शिक्षक नियुक्ति में गड़बड़ी विकास कोडरमा : शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव के गृह जिले में शिक्षक नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आयी है. जिन अभ्यर्थियों के नंबर कम थे, उनके नंबर 10 फीसदी तक बढ़ा कर उनकी नियुक्ति की गयी है. सरकार द्वारा बनायी गयी नियमावली की […]
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अनियमितता. कोडरमा में सामने आयी शिक्षक नियुक्ति में गड़बड़ी
विकास
कोडरमा : शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव के गृह जिले में शिक्षक नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आयी है. जिन अभ्यर्थियों के नंबर कम थे, उनके नंबर 10 फीसदी तक बढ़ा कर उनकी नियुक्ति की गयी है.
सरकार द्वारा बनायी गयी नियमावली की भी अनदेखी कर मनमर्जी से नियुक्तियां हुईं. सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मिले दस्तावेजों से मिले तथ्य चौंकानेवाले हैं. जिले में कक्षा एक से पांच और कक्षा छह से आठ तक के लिए पिछले माह 455 सीटों के लिए आठ काउंसलिंग में कुल 179 अभ्यर्थियों का चयन हुआ. इसमें कक्षा एक से पांच तक के लिए 113 और कक्षा छह से आठ तक में 63 अभ्यर्थी शामिल हैं. इनमें 176 को शिक्षा विभाग ने हाल में अपने आदेश के तहत विभिन्न स्कूलों में पदस्थापन भी कर दिया है.
सूचना के अनुसार, सबसे ज्यादा गड़बड़ी कक्षा एक से पांच तक के इंटर प्रशिक्षित शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में हुई है. पारा शिक्षकों के चयन में तो डीपी अंक के प्राप्तांक में 10 प्रतिशत तक अंक बढ़ा कर नियुक्ति कर दी गयी है. कई ऐसे शिक्षकों की भी नियुक्ति कर दी गयी है, जिनके कागजात तक पूरे नहीं थे.
नियम के अनुसार, आरक्षण का लाभ लेने के लिए सक्षम प्राधिकार (अनुमंडल पदाधिकारी अथवा इसके ऊपर के पदाधिकारी) से आवासीय, जाति प्रमाणपत्र निर्गत होना चाहिए, वह भी नियोजन कार्य के लिए, लेकिन कई शिक्षकों की नियुक्ति शैक्षणिक कार्य के लिए जारी प्रमाणपत्र के आधार पर कर दी गयी. और तो और कुछ अभ्यर्थियों ने जाति और आवासीय प्रमाणपत्र की जगह पैन कार्ड और आधार कार्ड बीडीओ से सत्यापित करा कर जमा करा दिये हैं. मजे की बात है कि ऐसे अभ्यर्थियों की भी नियुक्ति हो गयी है. नवनियुक्त शिक्षकों का एक बड़ा हिस्सा धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और गिरीडीह का है.
गड़बड़ियां ऐसी-ऐसी
नियोजन प्रमाणपत्र अभ्यर्थी का होना चाहिए, लेकिन गुमगी तिसरी जिला गिरीडीह के रहनेवाले प्रदीप कुमार यादव ने अपने प्रमाणपत्रों के साथ पैन कार्ड और आधार कार्ड की कॉपी बीडीओ से अभिप्रमाणित कर लगा दी है.
प्रदीप की नियुक्ति उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोहनपुर सतगावां में हुई. बाद में जांच के क्रम में टेट का प्रमाण पत्र फरजी बता कर इनकी नियुक्त रद्द कर दी गयी. बताया जाता है कि मामला उजागर होने के डर से ऐसा किया गया.
एक अभ्यर्थी हैं सत प्रकाश गोस्वामी, इन्होंने भी आरक्षण का लाभ लिया है. इनका चयन उम विद्यालय अरैया मरकच्चो के लिए हुआ है. इन्होंने अंचल से निर्गत जाति, आवासीय लगाया है. सारिका कुमारी, सविता कुमारी, मंजू भारती, राजेंद्र प्रसाद, रंजन कुमार गुप्ता, शंभूलाल महतो व अन्य कई ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिनके प्रमाणपत्र अपूर्ण हैं, लेकिन इनका चयन हो गया.
केस स्टडी-1
मीनाक्षी कुमारी (निवासी डांटो खुर्द पदमा हजारीबाग) की नयी नियुक्ति उत्क्रमित मध्य विद्यालय जेरूउाडीह डोमचांच में की गयी है. इनका चयन पारा शिक्षक कोटा से पिछड़े वर्ग के तहत आठवीं काउंसलिंग में हुई है.
पारा शिक्षकों ने इग्नू से डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन (डीपी) का प्रशिक्षण लिया है. इसके लिए अलग-अलग प्राप्तांक पर अलग प्राप्तांक प्रतिशत दिये जाने का प्रावधान है. मीनाक्षी को डीपी में 3.41 अंक मिले हैं, नियमानुसार इनका प्राप्तांक प्रतिशत 58.98% होना चाहिए, पर काउंसलिंग में इन्हें इसके बदले में 68.2% प्राप्तांक दिये गये हैं.
इनका कुल मेघा अंक 56.53 है. ऐसे में इनका चयन हो गया. गड़बड़ी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके ठीक ऊपर काउंसलिंग लिस्ट में सुमन कुमारी का नाम है. इनका डीपी प्राप्तांक 3.57 है पर प्राप्तांक प्रतिशत 60.83 दिया गया है. ऐसे में इनका मेधा अंक 56.62 तक ही पहुंचा.
केस स्टडी-2
रंजन कुमार गुप्ता निवासी चौरीघाट, कौर प्रतापपुर चतरा की नयी नियुक्ति मध्य विद्यालय ढाब, डोमचांच में की गई है. इनका चयन भी कोडरमा में काउंसलिंग के दौरान पारा शिक्षक कोटे से हुई है.
इग्नू से प्राप्त डीपी प्राप्तांक इनका 3.21 है. नियमानुसार इन्हें 56.95 प्राप्तांक प्रतिशत होना चाहिए, पर इन्हें कुल प्राप्तांक प्रतिशत दिया गया है 59.95 प्रतिशत. इनका मेघा सूची अंक 62.88 है. ठीक इनके ऊपर काउंसलिंग लिस्ट में तुलसी कुमार पंडित का नाम है. इनका डीपी का प्राप्तांक 3.29 है, पर प्राप्तांक प्रतिशत 57.83 है. रंजन गुप्ता के ठीक नीचे प्रकाश यादव का नाम है. इनका डीपी प्राप्तांक 3.49 है, जबकि प्राप्तांक प्रतिशत 59.87 दिया गया है.
सवालों के गोलमटोल जवाब
घंघरी हिरोडीह निवासी विजय कुमार पांडेय ने शिक्षा विभाग से शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में अपनायी गयी नीति व संबंधित कागजात डीएसइ कार्यालय से मांगे थे. विभाग ने करीब तीन हजार पन्नों का दस्तावेज उपलब्ध कराने के एवज में पांच हजार रुपये मांगे. रुपये लेकर भी विभाग ने पूरे दस्तावेज नहीं दिये. 455 पेज की अतिरिक्त सूचना के लिए पांडे से 910 रुपये मांगे गये हैं. डीएसइ पीवी शाही ने कई प्रश्नों के गोलमटोल जवाब दिये हैं. एक जवाब में कहा है कि वांछित सूचना कंडिका एक में सन्नहित है, जबकि ऐसा कुछ है ही नहीं.
नियमावली में क्या
शिक्षा सचिव आराधना पटनायक ने पत्रांक 2-6-2015 में स्पष्ट कहा था कि झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक, सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी से प्रदत्त जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्र के आधार पर ही नियमानुसार आरक्षण, क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जायेगा. कोडरमा जिला प्रशासन ने भी नियुक्ति को लेकर पत्र जारी किया, जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि सक्षम प्राधिकार अनुमंडल पदाधिकारी अथवा उनके ऊपर के पदाधिकारी द्वारा निर्गत आवासीय प्रमाण पत्र, जो नियोजन के लिए हो और जाति प्रमाणपत्र की मूल प्रति के साथ स्वअभिप्रमाणित छाया प्रति जरूरी है.
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