बाल संरक्षण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम
Published by :CHANDAN KUMAR
Published at :14 Nov 2025 5:52 PM (IST)
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जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट (सीनी) संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बाल संरक्षण के मुद्दों पर जिलास्तरीय कार्यशाला
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प्रतिनिधि, खूंटी.
डीआरडीए सभागार में बाल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट (सीनी) संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बाल संरक्षण के मुद्दों पर जिलास्तरीय कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यशाला की शुरुआत जिप अध्यक्ष मसीह गुड़िया ने की. उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम है. बाल मित्र समुदाय बनाने के लिए हम सबको तत्परता से कार्य करने की आवश्यकता है. बच्चों से जुड़ी कोई भी समस्या खासकर आधारभूत संरचना की कमी होने पर विभाग को अवगत कराया जाये. प्रमुख छोटा राय मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज अंधविश्वास में विश्वास कर गलत रास्ते में जा रहा है. डायन-बिसाही और नशापान के कारण हत्या जैसे जघन्य अपराध समाज में हो रहे हैं. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अल्ताफ खान ने बच्चों के अधिकारों और संरक्षण के लिए चलाये जा रहे योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने ग्रामस्तर से जिलास्तर पर गठित बाल संरक्षण समितियों को क्रियाशील करने को कहा. सीनी संस्थान के सबोदीप अधिकारी ने भी अपनी बातें रखीं. जन जागरूकता रथ को रवाना किया गया. संचालन किशोरी समूह की सदस्य स्नेहा भगत और सोनी कुमारी ने किया. मौके पर संरक्षण पदाधिकारी समीमुद्दीन अंसारी, उप प्रमुख शांति देवी, आनंद कुमार, कुमार सौरभ, संजीव कुमार, दुर्गी कुजूर, सुषमा लकड़ा, रेणू टूटी, गौरामनी टूटी सहित अन्य उपस्थित थे.बाल संरक्षण जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजनB
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