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खूंटी : अफीम की खेती के काले पैसों से खरीद रहे बाइक और गाड़ियां

Updated at : 04 Mar 2024 3:37 AM (IST)
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झारखंड पुलिस

फाइल फोटो

ग्रामीण क्षेत्रों में कई घरों में जहां पहले साइकिल भी मुश्किल से दिखती थी, अब वहां बाइक खड़ी दिखती है. इस नशे की फसल से मिलनेवाले पैसों से कई लोगों ने मोटरसाइिकल खरीदी है.

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रांची : जैसे ही खूंटी के शहरी इलाके से निकल कर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों खासकर – मारंगहादा, सिलादोन, मुरहू, सोयको आदि की तरफ बढ़ते हैं, तो जंगलों और पहाड़ियों के बीच खेतों में पोस्ते की फसल लहलहाती दिखाई देती है. पोस्ते के गुलाबी और सफेद रंग के फूल काफी मनमोहक दिखाई देते हैं. पर इसकी खेती यहां अफीम के लिए की जा रही है. बीते दिसंबर के आसपास जो बीज लगाये गये थे, वे तैयार हो चुके हैं, यानी अफीम के लिए फसल कटाई के लिए तैयार हो गयी है. पोस्ते से निकलने वाले पदार्थ से अफीम तैयार की जाती है. बताया जाता है कि इसकी कीमत एक लाख रुपये किलो तक होती है. इस लेने के लिए यूपी, बिहार, गढ़वा और पंजाब तक से खरीदार खूंटी के ग्रामीण इलाकों का दौरा करते हैं. पुलिस की सख्ती के बावजूद लोग पैसों के लालच में इसकी खेती से बाज नहीं आ रहे हैं.

खरीदारों को इन इलाकों में आने में कोई परेशानी नहीं होती

यह ताज्जुब की बात है कि अब भी झारखंड के लोग सुरक्षा कारणों से खूंटी के अंदरूनी इलाकों में जाने से परहेज करते हैं. पर ये अनजान बाहरी लोग बेधड़क आना-जाना करते हैं. इन्हें कोई परेशानी नहीं होती है. ग्रामीण इन बातों को लेकर आसानी से मुंह नहीं खोलते हैं, लेकिन लोग बताते हैं कि सालों पहले जब खूंटी में अफीम के लिए पोस्ते की खेती शुरू हुई थी, तो खरीदार इन्हें एडवांस में पैसे दे देते थे. अफीम की खेती से आनेवाले पैसे धान के मुकाबले कहीं ज्यादा मिलते हैं. लिहाजा ग्रामीण अब खुद ही पैसे लगाकर पोस्ते की खेती कर रहे हैं.

अफीम बेच कर मिले पैसे से कई लोगों ने घर बनाये

ग्रामीण क्षेत्रों में कई घरों में जहां पहले साइकिल भी मुश्किल से दिखती थी, अब वहां बाइक खड़ी दिखती है. इस नशे की फसल से मिलनेवाले पैसों से कई लोगों ने मोटरसाइिकल खरीदी है. कई लोगों ने अच्छे घर बना लिये हैं. यही वजह है कि पुलिस के अभियान चलाने के बावजूद खूंटी में पोस्ते की खेती लगातार बढ़ती ही गयी. अफीम के लिए पोस्ते की खेती का यह ट्रेंड अब खूंटी से आगे जाकर अनगड़ा और दूसरे क्षेत्रों में भी फैल रहा है. यही नहीं, ग्रामीण इलाकों के युवा भी अब अफीम की लत के शिकार हो रहे हैं.

अफीम की खेती में जुटे लोग इसका कारोबार छोड़ने को तैयार नहीं

कुछ ग्रामीणों ने पोस्ते की खेती न करने के लिए ग्रामीणों को समझाया भी पर इसके कारोबार में जुटे लोग मानने को तैयार नहीं हैं. अभी एक दिन पहले ही अनगड़ा में पुलिस ने बड़े इलाके में पोस्ते की फसल नष्ट की थी. खूंटी में भी पुलिस समय-समय पर अभियान चलाती है, लेकिन इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकल रहा. अब भी सैकड़ों एकड़ जमीन में इसकी खेती जारी है.

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