सरहुल महोत्सव में दिखी सामाजिक एकता और विरासत की झलक

Edited by SHUBHAM HALDAR
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सांस्कृतिक दलों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और वाद्य यंत्रों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया.

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तमाड़. सामूहिक सरहुल पूजा समिति तमाड़ द्वारा कोठारी चौक स्थित हाईस्कूल मैदान में आदिवासी समाज की पारंपरिक धर्म-संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य सामूहिक सरहुल पूजा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए सांस्कृतिक दलों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और वाद्य यंत्रों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया. कार्यक्रम के दौरान सरहुल पूजा समिति की अध्यक्ष दमयंती मुंडा ने कहा कि समाज के लोगों में अपनी पारंपरिक धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि सभी सांस्कृतिक दलों ने पाश्चात्य संस्कृति को त्याग कर अपनी मूल परंपराओं को अपनाते हुए कार्यक्रम को जीवंत बना दिया. पारंपरिक पोशाक और लोक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया. कार्यक्रम में प्रमुख सांस्कृतिक दलों में बंका, खुदीमाड़ी, मुर्गीडीह, मोदुडीह, टिम्पुर, मुरपा सहित अन्य गांवों के दलों ने भाग लिया और अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस आयोजन को सफल बनाने में रतन सिंह मुंडा, रमेश मुंडा, श्रवण सिंह मुंडा, मधुसूदन सिंह मुंडा, कृष्ण सिंह मुंडा, नंदकिशोर सिंह मुंडा, भोला मुंडा सहित अन्य लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. कार्यक्रम का सफल संचालन भगीरथ सिंह मुंडा ने किया.

पारंपरिक वेशभूषा में सजे सांस्कृतिक दलों ने लोक नृत्य-गीत से मोहा मनB

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