लाखों की नौकरी छोड़ गांवों में कर रहा शिक्षा का प्रचार

Updated at : 29 Jul 2016 12:44 AM (IST)
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लाखों की नौकरी छोड़ गांवों में कर रहा शिक्षा का प्रचार

खूंटी : आमतौर पर माना जाता है कि लोग शिक्षा व तकनीकी ज्ञान इसलिए हासिल करते हैं कि उन्हें अच्छी नौकरी मिले, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जो अपने क्षेत्र के विकास के लिए विदेश में लाखों की नौकरी को लात मार कर गांव-घर में लोगों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करते हैं. […]

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खूंटी : आमतौर पर माना जाता है कि लोग शिक्षा व तकनीकी ज्ञान इसलिए हासिल करते हैं कि उन्हें अच्छी नौकरी मिले, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जो अपने क्षेत्र के विकास के लिए विदेश में लाखों की नौकरी को लात मार कर गांव-घर में लोगों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करते हैं.
ऐसे व्यक्ति न परिणाम की चिंता करते हैं और न ही कमाई की. उन्हें तो सिर्फ अपना उद्देश्य पूरा करना होता है. ऐसा ही एक युवक है अविनाश कुमार गुप्ता, जो तोरपा प्रखंड के छोटे से गांव तपकारा का रहनेवाला है. वह लंदन में लाखों की नौकरी को छोड़ कर गांव आ गया और झारखंड फॉर यू डॉटकॉम संस्थान की शुरुआत की. इसकी शुरुआत 27 अप्रैल को हुई थी और इसका उदघाटन मंत्री सीपी सिंह ने किया था.
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