संदर्भ : धमधमिया में दो युवकों की गोली मार कर हत्या
खलारी. दुखन गंझू पांच महीने पूर्व अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बच निकला था. 21 जनवरी की सुबह तीन अज्ञात लोगों ने धमधमिया अगरवा टोला स्थित दुखन के घर के पास से ही उसका अपहरण कर लिया था. लेकिन दूसरे ही दिन बालूमाथ थाना क्षेत्र के भगिया गांव से वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग निकला था.
दुखन गंझू पूर्व में एक बार जेल भी जा चुका है. वह मूल रूप से सलिचनवा का रहनेवाला था. उसके भाई की हत्या नक्सलियों ने कर दी थी. इसके बाद वह सलिचनवा का घर छोड़ कर परिवार सहित धमधमिया के अगरवा टोला में रह रहा था. फिलहाल उसके ट्रैक्टर रखा था और उसी के व्यवसाय से घर-परिवार चला रहा था.
