लोगों को एंबुलेंस का लाभ नहीं मिल रहा
Updated at : 10 Apr 2015 9:32 AM (IST)
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खूंटी : सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर समाजसेवी संगठनों को एंबुलेंस उपलब्ध कराती है, लेकिन उक्त एंबुलेंस का लाभ लोगों को मिल रहा है या नहीं इसकी सुधि जनप्रतिनिधि व जिले के अधिकारी नहीं लेते. आठ अप्रैल को बराती गाड़ी व ट्रक के बीच हुई भिड़ंत के बाद सदर अस्पताल में भरती गंभीर रूप से […]
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खूंटी : सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर समाजसेवी संगठनों को एंबुलेंस उपलब्ध कराती है, लेकिन उक्त एंबुलेंस का लाभ लोगों को मिल रहा है या नहीं इसकी सुधि जनप्रतिनिधि व जिले के अधिकारी नहीं लेते.
आठ अप्रैल को बराती गाड़ी व ट्रक के बीच हुई भिड़ंत के बाद सदर अस्पताल में भरती गंभीर रूप से घायल लोगों को रिम्स पहुंचाने के लिए एंबुलेंस मिलने में काफी परेशानी हुई. काफी प्रयास के बाद एंबुलेंस उपलब्ध हो सका. सदर अस्पताल का एंबुलेंस लोगों को उपलब्ध हो जाता है, लेकिन घायलों की संख्या अधिक होने पर समाजसेवी संगठनों से एंबुलेंस लेना बहुत मुश्किल होता है. कई संगठन एंबुलेंस का इस्तेमाल अपने निजी कार्य के लिए करते हैं.
कई संस्थाओं को सरकार से मिले हैं एंबुलेंस : संत फ्रांसिस कै थोलिक चर्च गोरबेड़ा, जीइएल चर्च तपकारा, कोयल कारो जनसंगठन तोरपा, जीइएल चर्च गोविंदपुर, संत एग्नोस्टिन चर्च पिंडूल, जीइएल चर्च पेरिसा मरचा, ग्रामीण किसान मजदूर विकास समिति गरई, आरसी चर्च पिंडूल, ग्रामीण किसान मजदूर विकास समिति जरियागढ़, ग्रामीण किसान मजदूर विकास समिति कर्रा व रनिया, अखिल भारतीय सरना समाज रनिया, अखिल भारतीय रौतिया समाज खूंटी, अंजुमन इसलामिया खूंटी, अनुसूचित जाति युवा संगठन समाज सेवा समिति खूंटी, अखिल भारतीय सरना समाज तारोसिलादोन, अखिल भारतीय सरना समाज मुरहू आदि.
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