ग्रामीण संस्कृति व परंपरा ही हमारी पहचान है, इसे नहीं छोड़ना चाहिए

तोरपा : सरना धर्म आदि धर्म है. इसकी संस्कृति व परंपरा महान है. हमारी संस्कृति व पंरपरा ही हमारी पहचान है. इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ें. अगर हम अपनी परंपरा व संस्कृति को छोड़ देंगे तो हमारी पहचान समाप्त हो जायेगी. यह बातें पूर्व विधायक कोचे मुंडा ने तपकारा स्थित तुबीटोली में आयोजित […]
तोरपा : सरना धर्म आदि धर्म है. इसकी संस्कृति व परंपरा महान है. हमारी संस्कृति व पंरपरा ही हमारी पहचान है. इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ें. अगर हम अपनी परंपरा व संस्कृति को छोड़ देंगे तो हमारी पहचान समाप्त हो जायेगी. यह बातें पूर्व विधायक कोचे मुंडा ने तपकारा स्थित तुबीटोली में आयोजित अखिल भारतीय सरना समाज के सामाजिक सम्मेलन में कही. उन्होंने कहा कि अपना धर्म छोड़ने से पहले एक बार गंभीर होकर जरूर सोचें. जो प्रकृति के साथ चलता है, वहीं धर्म है.
सरना धर्म प्रकृति से जुड़ा है. इसके पूर्व कोचे मुंडा, अखिल भारतीय सरना समाज के संरक्षक जेठा नाग, भीम सिंह मुंडा, सनिका मुंडा आदि सरना समाज के पदधारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया गया. सम्मेलन में समाज को और मजबूत बनाने तथा समाज में व्याप्त समस्याओं को मिल कर दूर करने का संकल्प लिया गया. सम्मेलन की अध्यक्षता सनिका पाहन ने की.
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