Jharkhand bear rescued : गोड्डा से रेस्क्यू कर लाये गये भालू के बच्चे को जमशेदपुर के जू में हो रहा देखभाल, कैसे हो गया 12 किलो का भालू 30 किलो का, जानें

Author Brajesh
Updated:
विज्ञापन
Jharkhand bear rescued : गोड्डा से रेस्क्यू कर लाये गये भालू के बच्चे को जमशेदपुर के जू में हो रहा देखभाल, कैसे हो गया 12 किलो का भालू 30 किलो का, जानें

गोड्डा से जमशेदपुर चिड़ियाघर लाया गया भालू

जमशेदपुर : गोड्डा से रेस्क्यू कर लाये गये भालू के बच्चे की देखरेख टाटा स्टील जूलोजिकल पार्क (टाटा जू) में होगी. दो माह पूर्व लाये गये भालू के बच्चे की देखरेख से जुड़ी कोर्ट संबंधी प्रक्रिया पूरी किये जाने के बाद अब इसे पूरी तरह से चिड़ियाघर को सौंप दिया गया है. यहां अब न […]

विज्ञापन

जमशेदपुर : गोड्डा से रेस्क्यू कर लाये गये भालू के बच्चे की देखरेख टाटा स्टील जूलोजिकल पार्क (टाटा जू) में होगी. दो माह पूर्व लाये गये भालू के बच्चे की देखरेख से जुड़ी कोर्ट संबंधी प्रक्रिया पूरी किये जाने के बाद अब इसे पूरी तरह से चिड़ियाघर को सौंप दिया गया है. यहां अब न सिर्फ इसकी देखभाल होगी बल्कि यह जू में लोगों का मनोरंजन भी करेगा. चिड़ियाघर में पहले से ही एक भालू है. दरअसल, गोड्डा जिले के पाथरगामा में एक घर से जंगली भालू के बच्चे को वन विभाग ने बरामद किया था. उसे रानीपुर गांव निवासी सद्दाम कलंदर ने घर में छुपाकर रखा था. जंगल से उसे लेकर आये थे तथा काफी दिनों से उसे पाल रहे थे. भालू के बच्चे को फरवरी माह में ही बरामद किया गया था. उसकी देखरेख करना चुनौती थी. इसे देखते हुए वन विभाग ने टाटा स्टील जूलोजिकल पार्क से उसकी देखरेख करने का आग्रह किया. कोर्ट से सहमति मिलने के बाद भालू के बच्चे को चिड़ियाघर को सौंप दिया गया है. जब वह आया था, तब 12 किलो का था और अभी करीब 30 किलो का हो चुका है. यह जू कीपर के साथ घुल मिल चुका है. टाटा जू के डिप्टी डायरेक्टर नइम अख्तर ने बताया कि यह चिड़ियाघर की शोभा बढ़ायेगा और वन विभाग की ओर से कोर्ट से दस्तावेज बनाकर सौंपा गया है, जिसके बाद हमारी टीम ने देखरेख किया है. अब वह काफी हेल्दी है और बड़ा भी हो रहा है. आपको बता दें कि जमशेदपुर का टाटा जू देश का निजी चिड़ियाघर में अव्वल माना जाता है. यहीं वजह है कि यहां पहले हाथी से लेकर अन्य जानवरों को वन विभाग द्वारा रेस्क्यू कर रखा गया है. वैसे भी राज्य में स्थायी तौर पर रेस्क्यू सेंटर नहीं होने के कारण जानवरों की देखरेख नहीं हो पाती है.

विज्ञापन
Brajesh

लेखक के बारे में

By Brajesh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola