प्रतिनिधि, कुंडहित. महज पंद्रह दिनों में ही कुंडहित प्रखंड क्षेत्र में तैयार धान की लगभग आधी फसल धंसा रोग की चपेट में आ गयी है. खेतों में तैयार फसल पर अचानक मक्खियों के झुंड का हमला होता है, जिसके बाद धान का पौधा सड़कर जमीन पर गिर जाता है. इस रोग से न केवल धान, बल्कि पुआल भी पूरी तरह नष्ट हो रहा है. क्षेत्र के किसान और कृषि के जानकार इसे धंसा रोग बता रहे हैं. लगभग सभी पंचायतों में इसके लक्षण पाए जा रहे हैं. किसान अपनी मेहनत से खड़ी फसल नष्ट होते देख हताश और परेशान हैं. कहना है कि कीटनाशक दवाओं के उपयोग के बावजूद फसल बच नहीं पा रही है. सूचना मिलने पर कृषि विभाग की टीम ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. किसानों को दवा छिड़काव की सलाह दी, लेकिन किसान विभाग पर ठोस कदम न उठाने का आरोप लगा रहे हैं. गायपाथर के विश्वजीत मान्ना, बरमसिया के धनेश्वर किस्कू, सियारसुली के सुधामय माजी सहित कई किसानों ने बताया कि उनकी आधी फसल बर्बाद हो चुकी है. प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजे और फसल बीमा राशि शीघ्र भुगतान करने की मांग की है. कुंडहित के किसान लगातार संकट से जूझ रहे हैं. अत्यधिक बारिश के कारण बोआई में देरी हुई. अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में हुई असमय बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया. अभी किसान उस नुकसान से उबर भी नहीं पाए थे कि धंसा रोग ने उनकी कमर तोड़ दी. किसान अपनी तैयार फसल बर्बाद होते देख निराशा में सिर पीट रहे हैं.
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