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शिक्षक अपनी जिम्मेवारियों को समझें व ड्रॉप आउट बच्चों को स्कूल से जोड़ें : डीसी

Updated at : 13 Jul 2024 8:28 PM (IST)
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शिक्षक अपनी जिम्मेवारियों को समझें व ड्रॉप आउट बच्चों को स्कूल से जोड़ें : डीसी

एसजीएसवाइ प्रशिक्षण भवन में शनिवार को स्कूल रूआर- 2024 (बैक टू स्कूल कैंपेन) पर कार्यशाला का आयोजन किया गया.

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जामताड़ा. झारखंड शिक्षा परियोजना, जामताड़ा के तत्वावधान में एसजीएसवाइ प्रशिक्षण भवन में शनिवार को स्कूल रूआर- 2024 (बैक टू स्कूल कैंपेन) का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन डीसी कुमुद सहाय, डीएसइ राजेश कुमार पासवान, डीएसडब्ल्यूओ कलानाथ, एडीपीओ संजय कुमार कापरी ने संयुक्त रूप से किया. डीसी ने कहा कि शिक्षा के बिना दुनिया में कुछ भी नहीं हो सकता है. स्कूल रूआर के तहत 5-18 वर्ष तक जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं, उन्हें पुनः विद्यालय लायें. बच्चे प्रतिदिन विद्यालय आएं, इसके लिए पहल करने की जरूरत है. कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी विशेष तौर पर ध्यान दिया जाना चाहिए. हम सभी को मिलकर ड्राॅप आउट कम करने प्रयास करने होंगे. ताकि एक भी बच्चे विद्यालय से बाहर नहीं रहें. विद्यालय में नामांकन हो. सबकी उपस्थिति विद्यालय में रहे, इसके लिए जरूरी है कि 16 से 31 जुलाई तक विद्यालय स्तरीय विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पर्याप्त कदम उठायें. कहा कि सोशल मीडिया के जमाने में बच्चे मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर से ज्यादा जुड़े हैं, हमें उन्हें समाज से पुनः जोड़ने की आवश्यकता है. अभिभावकों को भी इसे समझना होगा कि मोबाइल और इंटरनेट के कारण बच्चों का न सिर्फ बचपन खराब हो रहा है, बल्कि इंटरनेट पर दिन-ब-दिन बढ़ती निर्भरता के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं भी देखने को मिलती है. हालांकि इंटरनेट से बच्चों को लाभ अवश्य हुआ है. इंटरनेट ज्ञान का अथाह भंडार है, लेकिन लाभ के साथ ही कुछ नुकसान भी है. बच्चों में आजकल ऑनलाइन गेमिंग का बुरा लत भी लगने लगा है, जो निश्चित ही चिंता का कारण है. उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से अपील की कि घर का ऐसा माहौल बनाएं कि ज्यादा देर इंटरनेट का इस्तेमाल बच्चे न करें. और ऑनलाइन गेम खेलने से दूरी बना लें. वहीं शिक्षक भी अपनी जिम्मेवारी को समझें, बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा भी अवश्य प्रदान करें. डीएसइ ने कहा शिक्षा ऐसी संपत्ति है, जो जीवन पर्यंत साथ रहती है. यह बांटी नहीं जा सकती, बल्कि अर्जित करनी होती है. कार्यशाला में मुखिया बिमला हांसदा, मिरूदी सोरेन, जीवोती सोरेन, तारामुनी मरांडी, शिवधन हांसदा, बीइइओ, सीआरपी ने भी अपने विचार रखे. एपीओ उज्ज्वल मिश्र ने स्कूल रूआर पर स्वरचित गीत का गायन किया. रूआर कार्यक्रम की रूपरेखा प्रोजेक्टर से विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया. मंच का संचालन डायट के उप प्राचार्य डॉ दिलीप कुमार सिंह ने किया. मौके पर एपीओ वंदना भट्ट, अजय कुमार, अनिल कुमार, बिनोद राजहंस आदि थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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