जामताड़ा. डीसी कुमुद सहाय की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के कर्मियों की मासिक बैठक हुई. इस अवसर पर ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों की ओर से प्रत्येक दिन दर्ज की गयी उपस्थिति की समीक्षा की गयी. पाया गया कि सभी प्रखंडों में शत-प्रतिशत शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की ओर से उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है. डीसी ने वैसे शिक्षक जिनके द्वारा जान-बूझकर इवीवी में उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती है, वैसे शिक्षकों को चिह्नित करते हुए स्पष्टीकरण पृच्छा करने, शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों में नामांकन एवं ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति की समीक्षा कर उन्होंने संबंधित विद्यालय के वार्डन को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक दिन अनिवार्य रूप से ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षक एवं छात्राओं की उपस्थिति शत-प्रतिशत दर्ज करायेंगे. इसका अनुश्रवण जिला प्रभाग के प्रभारी की ओर से किया जायेगा. साथ ही कहा कि ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति के अनुसार ही मानदेय भुगतान करेंगे. जिले के सभी विद्यालयों में अध्ययनरत शत प्रतिशत छात्र-छात्राओं का अपार आइडी का कार्य पूर्ण करने का निर्देश सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों एवं जिला एमआइएस को दिया. असैनिक कार्य की समीक्षा कर विभिन्न वित्तीय वर्ष असमायोजित राशि को सामंजन करने के लिए संबंधित विद्यालयों के तत्कालीन प्रधानाध्यापकों के वेतन, पेंशन से जीविकोपार्जन की राशि की गणना करते हुए शेष राशि से वसूली करें. बताया गया कि जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में विकास अनुदान की राशि हस्तांतरित की गयी है. जिसमें से विद्यालयों की ओर से शत प्रतिशत व्यय नहीं किया गया है. जिस पर डीसी ने असंतोष व्यक्त करते हुए सभी बीइइओ एवं लेखापाल को निर्देश दिया कि 31 मार्च तक सभी विद्यालयों को व्यय कराते हुए उपयोगिता प्रमाण-पत्र जिला कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे. राशि को 31 मार्च तक मदवार शत प्रतिशत व्यय करने का निर्देश दिया. मौके पर डीइओ चार्ल्स हेंब्रम, डीएसइ विकेश कुणाल प्रजापति आदि थे.
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